लोहारी राघो में बनेगा हर्बल पार्क, मिलेंगी दुर्लभ औषधीय जड़ी-बूटियां
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पूरा किया गांव लोहारी राघो को पिकनिक स्पॉट बनाने का वादा
पिछले चुनाव में ग्रामीणों से कर गए थे गांव में पार्क बनाने का वादा
हर्बल पार्क के निर्माण पर आएगी 1.12 करोड़ की लागत
06 सितंबर 2019, 1:40 PM
हरियाणा मीडिया जंक्शन। संदीप कम्बोज
हिसार/नारनौंद। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के अथक प्रयास से गांव लोहारी राघो के अच्छे दिन आने शुरु हो गए हैं। भाखड़ा नहर पेयजल परियोजना के बाद अब हरियाण सरकार ने गांव लोहारी राघो में हर्बल पार्क के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस हर्बल पार्क के निर्माण पर करीब 1.12 करोड़ की लागत आएगी। हर्बल पार्क के निर्माण से गांव लोहारी राघो व आसपास के ग्रामीणों को दुर्लभ किस्म के औषधीय पौधों के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सैकड़ों प्रकार के औषधीय पौधे व जड़ी-बूटियां इस हर्बल पार्क में स्थापित नर्सरी में ही उपलब्ध होंगी जिससे इलाके में औषधीय खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। परंपरागत खेती की बजाय औषधीय खेती को अपनाकर किसान अपनी आमदनी भी बढ़ा सकेंगे बशर्ते की इस हर्बल पार्क में किसानों को इसका प्रशिक्षण दिया जाए। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो पहले पार्क विकसित करने पर जोर दिया जाएगा तो दूसरी तरफ यहां नर्सरी डिवेलप कर पौधे बेचने जैसी सुविधा भी दी जाएगी। हर्बल पार्क से निकली औषधियों का उपयोग गांव लोहारी राघो व आस-पास के लोग भी कर सकेंगे।
हर्बल पार्क के साथ-साथ पिकनिक स्पोट भी
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु जब भाजपा के लिए वोट मांगने आए थे तो उस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से वादा किया था कि गांव में ऐसा पार्क बनवाऊंगा जिसे देखने दूर-दूर के लोग आया करेंगे। यह पार्क ऐसा भव्य होगा कि आपके रिश्तेदार भी यहां आकर पिकनिक मनाएंगे। तो पूरे 5 साल बाद अब वक्त आ गया है। हरियाणा सरकार ने लोहारी राघो में हर्बल पार्क के निर्माण की मंजूरी दे दी है। तो ग्रामीणों को औशधीय पौधों के साथ-साथ पिकनिक स्पॉट भी मिलने जा रहा है।
फिलहाल हरियाणा में 42 तो हिसार जिला में है एक हर्बल पार्क
वर्तमान में हरियाणा में 42 हर्बल पार्क स्थापित किए गए हैं जिनमें सबसे अधिक 8 हर्बल पार्क रेवाड़ी जिले में हैं। हिसार जिले में केवल एक हर्बल पार्क स्थापित है जो कि शतावर वाटिका के नाम से हिसार बीड़ में स्थित है। हरियाणा सरकार ने अब गांव लोहारी राघो व सिंधड़ में भी हर्बल पार्क के निर्माण की मंजूरी दे दी है। अब जिला हिसार में हर्बल पार्क की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी।
जानें इलाके को क्या होगा इस हर्बल पार्क का फायदा
हर्बल पार्क चिकित्सा के पारंपरिक भारतीय प्रणाली के बारे में लोगों को शिक्षित करने तथा जागरूकता पैदा करने, जीन पूल संरक्षण, गुणवत्ता युक्तक बीज के उत्पादन, तथा किसानों को वितरण हेतु पौध, के लिए प्रत्येक जिले में स्थापित किए गए हैं। इनमें किसानों को पूर्व सीटू खेती, प्राकृतिक जैव विविधता को बचाने के लिए औषधीय पौधों का प्रचार, एवं आय अर्जन के लिए प्रोत्साहित भी किया जाता है। इस हर्बल उद्यान से औषधीय प्रजातियों के संरक्षण में मदद तो मिलेगी ही साथ ही यह स्वदेशी और विदेशी दोनों प्रजातियों के लिए जीन पूल के रूप में भी काम करेंगे।
हर्बल पार्क स्थापित होने से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
हरियाणा के औषधीय पौधों का संरक्षण
संरक्षण और प्रचार प्रयोजनों के लिए स्वदेशी और विदेशी प्रजातियों के पौधों के एक जीन पूल का विकास करना
स्थानीय लोगों द्वारा क्षेत्र में खेती को लोकप्रिय बनाने और भारतीय औषधीय और सुगंधित पौधों का उपयोग
भारतीय आयुर्वेदिक प्रणाली को लोकप्रिय बनाने में मदद
राखी गढ़ी आने वाले पर्यटकों के लिए भी बनेगा आकर्षण काकेंद्र
यह होंगी हर्बल पार्क की विशेषताएं
पार्क में सैकड़ों प्रकार के औषधीय पेड़, जड़ी बूटी, झाड़ियों और लताओं के रूप में उपलब्ध होंगे
औषधीय प्रजातियों के पौधे मिलने से किसान भी औषधीय खेती में लेंगे रूचि जिससे आमदनी बढ़ेगी
किसानों को वितरण के लिए गुणवत्ता युक्त बीज और पौध उत्पादन
पार्क की सुंदरता में चार चांद लगाएंगे घुमावदार रास्ते व सौंदर्य की दृष्टि से बनने वाली हर्बल क्यारियां
पर्यटकों की सुविधा के लिए बैठने के लिए स्थान व चलने के लिए बनेगा पैदल पार
हर पौधे के सामने नेम प्लेट लगी होगी जिस पर उसका नाम अंकित होगा जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
ये हैं कुछ औषधीय प्रजातियां
अश्वगंधा, सर्पगंधा, वाच, ब्राह्मी, चित्रक, सफेद मूसली, शतावरी, ईसबगोल, तुलसी, पीपली, मकोय, ग्वावरपाठा, हरड़, बहेड़ा, आंवला, बेल, रूद्राक्ष, कालीहाड़ी, पथरचुर, नींबू घास, मुलैठी, जटरोफा, पाल्मारोजा और हल्दी
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