- जलघर के पास निर्माणाधीन है आयुष सेंटर का भवन
- डायबिटीज व यूरिन समेत अनेक तरह की जाँच भी करवा सकेंगे ग्रामीण
- विभिन्न तरह की दवाईयां भी रहेंगी उपलब्ध
![]() |
| लोहारी राघो। यही वह निर्माणाधीन भवन है जिसमें आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोला जाना है। तस्वीर : प्रवीन खटक |
प्रवीन खटक। लोहारी राघो.com
लोहारी राघो। ग्र्रामीणों की सेहत का ध्यान रखने व आयुष को बढ़ावा देने के मकसद से भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा गाँव लोहारी राघो में आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोला जा रहा है जिसका भवन गाँव स्थित जलघर के पास निर्माणाधीन है। (Ayush-Health-and-Wellness-Center-to-open-soon-in-Lohari-Ragho) इस आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में डायबिटीज, यूरिन, ब्लड प्रोफाइल समेत विभिन्न तरह की जांच सुविधा के साथ-साथ आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। यहां आयुष चिकित्सा पद्धति से न सिर्फ चिकित्सीय परामर्श, बल्कि जांच व दवाओं के विकल्प भी मरीजों को उपलब्ध हो सकेंगे। इस सेंटर पर मरीजों की काउंसलिंग की भी व्यवस्था रहेगी। जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुशीला रानी ने बताया कि इस आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में आयुष चिकित्सा पद्धति के तहत आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा एवं हॉम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से बीमारियों का इलाज किया जाएगा। इस सैंटर के माध्यम से ग्रामीण अंचल में व्यक्तिगत स्वास्थ्य की देखभाल हेतू प्रोत्साहन, औषधीय पौधों से स्वयं की देखभाल की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस आयुष हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर की स्थापना आयुष सिद्धांतों के आधार पर की जा रही है। इसके द्वारा ग्रामीणजनों की स्वयं की देखभाल के साथ योग, आहार, परामर्श एवं चिन्हित स्वास्थ्य सेवाओं सहित रोग प्रतिरोधक, स्वास्थ्य संवर्धक तथा रोगोपचार की सेवाएँ दी जायेंगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीणजनों को रोग अधिभार को कम करना भी है। यहाँ बता दें कि इस आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की कब तक शुरुआत होगी, इस बाबत अभी विभाग के अधिकारियों को ही सही से जानकारी नहीं है। जिला आयुष अधिकारी डा. सुशीला रानी ने बताया कि जैसे ही आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का भवन बनकर तैयार हो जाएगा वैसे ही इसे शुरु कर दिया जाएगा। हालांकि वे कोई समय-सीमा नहीं बता पाई।
हर ग्रामीण के स्वास्थ्य कार्ड पर लिखी जाएगी प्रकृति जांच
आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आयुर्वेदिक चिकित्सकों के माध्यम से व्यक्ति की प्रकृति की पहचान की जाएगी। प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य कार्ड पर प्रकृति जांच लिखी जाएगी। दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार विधि, योग आदि की जानकारी सेंटर पर मिलेगी। लोगों को विभिन्न किस्म के औषधीय पौधों के बारे में बताया जाएगा। जिला आयुष अधिकारी डा. सुशीला रानी ने बताया कि यहां डायग्नोस्टिक लैब पर विभिन्न प्रकार की जांच की सुविधा मिलेगी। गंभीर रूप से बीमार लोगों को पंचकर्म चिकित्सा के लिए रेफर किया जाएगा।
विकसित होगा हर्बल पार्क, दी जाएगी जड़ी-बूटियों की जानकारी
आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में प्रदाय की जाने वाली सेवाओं में औषधालय क्षेत्र के सभी ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर स्वास्थ्य पत्रक में उनके स्वास्थ्य स्तर का आंकलन विभिन्न मापदण्डों के अनुसार किया जायेगा। इसके साथ ही गाँव लोहारी राघो में हर्बल पार्क भी विकसित किया जा रहा है जिसमें विभिन्न औषधीय वनस्पतियों, जड़ी-बूटियों के परिचय और उनकी चिकित्सीय उपयोगिता सहित जानकारी पट्टिका दर्शाई जायेगी। सामान्य रोगों के उपचार के लिये निर्धारित 12 हेल्थ केयर सर्विस को आयुष पद्धति द्वारा परामर्श, उपचार एवं औषधि वितरण किया जायेगा।
24,400 आयुष सेंटर में अब तक तीन करोड़ से ज्यादा को मिला लाभ
बता दें कि मंत्रालय के अनुसार अब तक देशभर में 24,400 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा चुके हैं जिनमें तीन करोड़ से भी ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। इन सेंटरों पर सरकार अब तक 3 लाख योग सत्र आयोजित करा चुकी है। जबकि 82 लाख ब्रेस्ट कैंसर, 49 लाख सवाईकल और 1 करोड़ 22 लाख से ज्यादा लोगों में ओरल कैंसर की जांच की जा चुकी है। इनके अलावा 69 लाख 41 हजार हाइपरटेंशन के रोगियों को पंजीकृत कर उपचार दिया जा रहा है। वहीं 38 लाख 17 हजार डायबिटीज रोगियों को यहां निशुल्क उपचार मिल रहा है।
