- इस गाँव से सबक लें हरियाणा के अन्य गाँवों-शहरों के लोग
- यहाँ 1000 बेटों पर 1041 है बेटियों का ग्राफ
- दिखाई दे रहा स्वास्थ्य व लोक संपर्क विभाग की जागरूकता का असर
लोहारी राघो. com
संदीप कम्बोज। प्रवीन खटक
लोहारी राघो। बेटों की चाहत में कोख में ही बेटियों को मार देने वालों को हरियाणा के जिला हिसार के गाँव लोहारी राघो ने बड़ा आईना दिखाया है। (Bravo-Lohari-Ragho-Just-keep-echoing-the-daughters-of-girls-like-this) यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ अभियान का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। बीते 5 साल के आंकड़ों पर गौर करें तो लिंगानुपात में गाँव लोहारी राघो ने जिले को सबसे अधिक गौरवांवित किया है। पिछले पाँच साल के दौरान यहां लाडलियों की संख्या बढ़ रही है। बीते वर्ष 2019-20 का गाँव का लिंगानुपात 1041 दर्ज किया गया है यानि कि यहाँ 1000 लड़कों पर 1041 लड़कियाँ पैदा हो रही हैं। लोहारी राघो उप स्वास्थ्य केंद्र के एमपीएचडब्ल्यु डॉ. राजकुमार ने बताया कि वर्ष 2015-16 में गाँव में 78 लड़के तो 76 लड़कियों ने जन्म लिया। इस वर्ष गाँव का लिंगानुपात 974 रहा। वहीं वर्ष 2016-17 में 72 लड़कों तो 75 लड़कियों ने जन्म लिया। इस साल लिंगानुपात 1042 रहा। 2017-18 में एक बार फिर लिंगानुपात में गिरावट देखने को मिली। इस साल 98 लड़कों पर 88 लड़कियां पैदा हुई तो इस प्रकार से लिंगानुपात बढ़कर 898 हो गया। वर्ष 2018-19 में थोड़ा और सुधार देखने को मिला। गाँव में 92 लड़कियों पर 89 लड़कों ने जन्म लिया ओर लिंगानुपात रहा 967। अब बात करते हैं 2019-20 की तो इस साल गाँव में 73 लड़कों व 76 लड़कियों ने जन्म लिया तो इस प्रकार लिंगानुपात 1041 के ग्राफ पर पहुंच गया। लड़कियों की कम संख्या के लिए बदनाम गाँवों के लिए यह अच्छी खबर है। जिला हिसार की अगर बात करें तो वर्तमान में जिला का लिंगानुपात 914 है। वर्ष 2001 में हिसार का लिंगानुपात 851 था तो वर्ष 2011 में 872 दर्ज किया गया था। इसी प्रकार हरियाणा प्रदेश का लिंगानुपात भी वर्तमान में 923 से 914 पर आ पहुंचा है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग व जिला लोक संपर्क विभाग की टीमें समय-समय पर ग्रामीणों को बेटी बचाने के लिए जागरूक करती रहती हैं।
सफलता की कहानी लिख रही लोहारी की बेटियां
बता दें कि गाँव लोहारी राघो की बेटियों ने अपनी मेहनत के बलबूते अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। हाल ही में बोर्ड की 10वीं परीक्षा में पूरे हरियाणा भर में टॉप थ्री में जगह बनाने वाली बारू राम की बेटी अंजु के बारे में तो शायद आप जानते ही होंगे। इसके अलावा प्रोफेसर बनी गाँव की बेटी व एक ही परिवार की तीन-तीन बहनों द्वारा अपनी मेहनत के दम पर सरकारी नौकरी हासिल करने की कहानी भी हम आपको बताएंगे। इन बेटियों ने अपनी सफलता के साथ-साथ जमाने को नसीहत भी दी है कि अच्छा पालन-पोषण किया जाए, अच्छी शिक्षा दी जाए तो बेटियां सफलता के वह सभी मुकाम हासिल कर सकती हैं जिनकी तमन्ना हर मां-बाप बेटों से रखते हैं। सच तो यह है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा व क्षेत्र में लड़कियां अब लड़कों से कहीं पीछे नहीं हैं। सलाम है उन माता-पिता को जिन्होंने बेटियों को खुला आसमान दिया ताकि वे भर सकें उड़ान..और दिखा सकें दुनिया को कि वे भी छू सकती हैं सफलता की ऊंचाइयां..कर सकती हैं हर मां-बाप के सपनों को पूरा..बिखेर सकती हैं हर घर आंगन में खुशियां। गाँव की प्रतिभावान बेटियों व किसी भी क्षेत्र में परचम लहराने वाली अन्य प्रतिभाओं के बारे में हम आप तक जानकारी पहुंंचाते रहेंगे। बस, लोगिन करते रहिए लोहारी राघो.कॉम।
ये है लोहारी राघो का पिछले पाँच साल का लिंगानुपात
साल मेल चाईल्ड फीमेल चाईल्ड लिंगानुपात
2015-16 78 76 974/1000
2016-17 72 75 1042
2017-18 98 88 898
2018-19 92 89 967
2019-20 73 76 1041
