
लोहारी राघो. com
लोहारी राघो। ऐतिहासिक गाँव लोहारी राघो की झलक अब आपको बड़े पर्दे पर भी देखने को मिलेगी। यहाँ विद्यमान पुरानी ऐतिहासिक इमारतें,हवेलियां व ऐतिहासिक मस्जिदें फिल्मों व एलबम की शूटिंग की पहली पसंद बन रही हैं। गाँव लोहारी राघो में अब तक अनेक हरियाणवी एलबमोंं व लघु नाटकों की शूटिंग हो चुकी है। वर्ष 2005 में गाँव मोठ के निर्देशक बलवान दुहन के निर्देशन में तैयार किया गया हरियाणवी नाटक ‘जाट बेचारा साहूकार का मारा’ के कुछ दृश्य भी गाँव लोहारी राघो में फिल्माए गए थे। अब प्रख्यात हरियाणवी सूफी एलबम ‘तुंबे की झनकार’ की शूटिंग भी गाँव लोहारी राघो में ही संपन्न हुई है। एलबम के गाने ‘तू यार मेरा दिलदार मेरा तू ही सै मेरा प्यार, यो मन्नै नचावै से तेरे तूंबे की झनकार’ के लगभग सभी दृश्य भी गाँव लोहारी राघो में फिल्माए गए हैं। वीरेंद्र बाजवा के निर्देशन में बनाई गई इस हरियाणवी एलबम तुंबे की झनकार के गायक व लेखक अमित ढुल हैं। इस प्रख्यात हरियाणवी सूफी गाने को यू ट्यूब पर अब तक 8.1 लाख लोगों ने देखा व पसंद किया है।
नीचे दिए इस लिंक पर क्लिक कर सुनें पूरा गाना https://www.youtube.com/watch?v=ZPRG4mv8XtM



Nice
ReplyDelete