- लंगर में सैकड़ों ग्रामीणों ने ग्रहण किया लंगर
- रामलीला ग्राउंड चौक के दुकानदारों द्वारा किया गया आयोजन
| फोटो : भ्याना डिजिटल स्टूडियो |
लोहारी राघो। गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों व माता गुजरी जी के शहीदी दिवस के अवसर पर गाँव लोहारी राघो में आज कार्यक्रम का आयोजन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। रामलीला ग्राउंड चौक के दुकानदारों द्वारा रामलीला ग्राउंड में आयोजित शहीदी दिवस कार्यक्रम में भजन कीर्तन के साथ गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों के बलिदान को याद किया गया। इस मौके पर आयोजित लंगर में सैकड़ों ग्रामीणों ने लंगर ग्रहण किया। शहीदी दिवस कार्यक्रम के दौरान भाई भगत सिंह ने गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों व माता गुजरी जी के शहादत दिवस के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी। भाई भगत सिंह ने बताया कि चारों साहिबजादों और माता गुजरी का बलिदान सिख समाज के लिए गर्व की बात है। 10 लाख सैनिकों के सामने चमकौर के मैदान में हुए युद्ध के दौरान बारी-बारी से उनका बलिदान किया गया। 22 दिसंबर 1704 को गुरु गोविंद साहिब के बड़े साहिबजादे अजीत सिंह और फिर जुझार सिंह शहीद हुए। 27 दिसंबर 1704 में गुरुगोविंद सिंह के दो साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को इस्लाम धर्म कबूल न करने पर सरहिंद के नवाब ने दीवार में जिंदा चुनवा दिया। फतेहगढ़ साहिब में गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों को दीवार में चुनवाने की घटना सिख के लिए गर्व की बात थी। दीवार बनने के साथ ही साहिबजादों ने 'जपु जी साहिब' का पाठ करना शुरू किया। दीवार पूरी हुई और अंदर से जयकारे की आवाज आई, दीवार तोड़ी गयी तो बच्चे जिंदा थे लेकिन जबरन साहिबजादों की जान ले ली। उधर, साहिबजादों के शहीद होने की खबर सुन कर गुरु गोविंद सिंह की माता गुजरी जी ने अकाल पुरख को इस गर्वमयी शहादत के लिए आभार किया और प्राण त्याग दिए। बता दें कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों व माता गुजरी जी के शहीदी दिवस के अवसर पर हर साल गाँव लोहारी राघो रामलीला ग्राउंड में रामलीला ग्राउंड चौक की तरफ से बलिदान दिवस श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।