फेस-टू-फेस। पंचायत चुनाव में जिला हिसार के ब्लॉक नारनौंद के वार्ड नंबर-29 (रिजर्व) में जिला पार्षद पद के लिए तैयारी कर रहे रत्तन लाल बड़गुजर से खास बातचीत
- वार्ड-29 के सभी 12 गाँवों की बदलेंगे सूरत, नशे का करेंगे पूरी तरह से सफाया
- गाँवों में नशे के सौदागरोें को चेतावनी, सुधरना होगा या फिर गाँव छोड़ना होगा : रत्तन लाल बड़गुजर
वार्ड नंबर : 29
ब्लॉक : नारनौंद
जिला : हिसार
उम्र : 61 वर्ष
योग्यता : ड्राफ्ट्समैन डिप्लोमा
पद : पीडब्ल्युडी में सर्कल हैड ड्राफ्ट्समैन के पद से सेवानिवृत
व्यवसाय : समाजसेवा
पार्टी : कोई नहीं
राजनीतिक/सामाजिक अनुभव : समाजसेवा में हमेशा से तत्पर
सवाल -1 : राजनीति में आने का आपका मकसद क्या है?
जवाब : महापुरुष व विद्वान लोगों का हमेशा ही यह कथन रहा है कि जब तक राजनीति में नेक, ईमानदार व अच्छी सोच वाले लोग आगे नहीं आएंगे तब तक बुरी व गलत सोच वाले लोग समाज को नुकसान पहुंचाते रहेंगे। राजनीति में आने के लिए इंसान की भावनाएं सही होनी चाहिएं। यदि भावनाएं सही होंगी तो ही समाज, राष्टÑ का उत्थान हो सकता है। इतिहास गवाह है कि गलत भावनाएं लेकर राजनीति में आने वाले लोग हमेशा समाज, राष्टÑ का विनाश ही करते हैं। मैं साफ-सुथरी सोच लेकर राजनीति में आया हूं। अपने पिछड़े हुए ग्रामीण इलाके का सच्चे दिल व साफ नियत से विकास करना चाहता हूं।
सवाल -2 : क्या आपने इससे पहले भी कोई चुनाव लड़ा ?
जवाब : नहीं, इससे पहले मैंने कोई चुनाव नहीं लड़ा। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में मैं रतिया विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी में था लेकिन टिकट न मिलने के कारण चुनाव नहीं लड़ पाया।
सवाल-3 : आप जिला पार्षद ही क्यों बनना चाहते हैं ?
जवाब : इच्छा तो विधानसभा चुनाव लड़ने की है। लेकिन इससे पहले जिला पार्षद बनकर जो अनुभव मिलेगा, आगे बहुत काम आएगा। वैसे पीडब्ल्यूडी विभाग में 35 साल सेवाएं दी हैं तो हर तरह के काम करवाने का अनुभव तो पहले से ही है। लोग सोचते हैं कि कर्मचारी रहा है तो फ्रैश होगा लेकिन ऐसा नहीं है, किस काम को किस तरीके से करवाना है, यह मुझे अच्छी तरह से आता है। बाकि जिला पार्षद बनने के बाद जनसेवा का जो अनुभव मिलेगा, वह विधानसभा में बहुत काम आएगा। विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट के समय कोई परेशानी नहीं रहेगी।
सवाल-4 : वर्तमान में आपके वार्ड-29 के गाँवों की सबसे बड़ी समस्याएं क्या हैं ?
जवाब : वार्ड के गाँवों की समस्याएं बताने की जरुरत नहीं है, ये तो जगजाहिर हैं। वार्ड के सभी गाँवों में शिक्षा के लिए बढ़िया स्कूल हों क्योंकि स्कूल ही हमारे भविष्य की बुनियाद हैं। स्कूल ही एकमात्र ऐसी जगह है जो बच्चों में अच्छे संस्कार डालते हैं। वार्ड के गाँवों में स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी है। इलाके के गाँवों के लोगों को डिलवरी के लिए भी गुराना जाना पड़ता है। तो इच्छा है कि हर गाँव को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। गाँवों में बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलें। गलियां साफ-सुथरी व पक्की हों। पंचायत प्रतिनिधियों का यह परम कर्तव्य होता है कि हर गाँव में आपसी भाईचारा कायम रहे। राजनीति करें , कोई बात नहीं लेकिन नैतिक दायत्वि को भी निभाएं। पंचायत प्रतिनिधियों को चाहिए कि वे राजनीति को व्यवसाय न समझ ग्रामीणों की उम्मीदों पर खरा उतरें। सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर गाँवों में लागू करें। एक अच्छा ,सुयोग्य जन प्रतिनिधि ही पद का सदुपयोग कर सरकारी योजनाओं का वास्तविक पात्र लोगों को उनका हक दिलवा सकता है।
सवाल-5 : अपने चुनावी घोषणा पत्र में किन-किन बिंदुओं को शामिल करेंगे ?
जवाब : दरअसल, जिला पार्षद कापद जिस मकसद के लिए बनाया गया है, उसके लिए उतनी पॉवर नहीं दी गई है। जिला पार्षद का अधिकार बहुत सीमित होता है। वार्ड के गाँवों में विकास तो पैसे से होना है। लेकिन सरकार जिला पार्षदों को अभी उतना बजट नहीं उपलब्ध करवा पा रही है जितना करवाना चाहिए। वार्ड अंतर्गत आने वाले गाँवों की पंचायतें जिला पार्षदों पर आश्रित होती हैं और जिला पार्षद क्षेत्र के विधायक, सांसद तथा सरकार पर आश्रित होते हैं। वार्ड के गाँवों का विकास जिला पार्षद पर ही निर्भर करता है कि उसके विधायक, सांसद व सरकार से संबंध कैसे हैं। सबसे बड़ी बात जो जनता को समझनी चाहिए कि आप जिस उम्मीद्वार को चुन रहे हैं, उसमें काम करवाने की कितनी समझ है। समझ है भी या नहीं, इलाके के विकास में यह बहुत मायने रखता है। मेरा 35 साल का सरकारी सर्विस का अनुभव है तो विकास कार्य करवाने की कला मुझे बहुत अच्छे से आती है, यह मैं पहले ही बता चुका हूं।
सवाल-6 : वार्ड क्षेत्र के लोगों को कैसे विश्वास दिलाएंगे कि विकास कार्यों में कोई भ्रष्टाचार नहीं होगा?
जवाब : मेरी जन्मभूमि गाँव लोहारी राघो है जो मेरे वार्ड-29 के अंतर्गत ही आता है। मेरा मानना है कि जन्मभूमि का कर्ज कभी नहीं उतारा जा सकता। आज जो भी हैसियत है गाँव की मिट्टी की बदौलत है। कर्ज उतारने की है। हमारे बुजुर्गों ने हमें दिशा दी है जिस पर चलकर हमने समाज को बिना किसी भेदभाव के आगे ले जाना है। गाँव के लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि मैंने कभी गाँव मेें ऐसी राजनीति करने का प्रयास नहीं किया जिससे की आपसी दूरियां बढ़ें। हमेशा से ही पूरे गाँव को एक परिवार की तरह माना है। और शुरु से ही गाँव के हर सुख-दु:ख में शामिल होते आ रहे हैं। नौकरी कर वजह से भले ही मैं हिसार में रिहायश रही लेकिन गाँव के सु:ख-दु:ख में हमेशा ही शरीक होता रहा। तो गाँव के लोग मेरे बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। मेरे परिवार के 6 सदस्य सरकारी सर्विस में हैं तो कोई आकांक्षा बाकि नहीं रह जाती। इलाके के गाँवों की हालत देखकर अकसर रोना आता है। हमेशा से गाँवों के लिए कुछ कर गुजरने की दिली तमन्ना रही है जो अब चुनाव उपरांत पूरी करेंगे।
सवाल-7 : वार्ड के गाँवों में सबसे ज्यादा प्रमुखता किस कार्य को देंगे?
जवाब : चुनाव जीतने के उपरांत सबसे पहला प्रयास गाँवों में अमन-चैन, सौहार्द व भाईचारा कायम करना रहेगा। मुख्य मिशन जिसके लिए चुनाव लड़ रहे हैं इलाके के गाँवों को पूर्णतया नशामुक्त करना है। गाँवों के युवा नशों में पड़कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। सबसे पहला काम ही गाँवों को नशों से पूरी तरह से छुटकारा दिलाना रहेगा। मैं चेतावनी के साथ कह रहा हूं कि जिस किसी ने भी नशों को बिजनेस बना रखा है, जो हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद करने पर तुले हैं, उन्हें हर हाल में गाँवों को छोड़ना पड़ेगा। कितने दु:ख की बात है कि नशे के सौदागरों ने हमारे गाँवों का सत्यानाश कर डाला है। सच बताऊं तो मेरा चुनाव लड़ने का मुख्य मिशन ही यही है। अब से पहले तो मेरे दिमाग में भी कभी नहीं आया था कि मैं जिला पार्षद का चुनाव लड़ूंगा। बस गाँवों की दुर्दशा देख रहा नहीं गया। नशे के सफाये के अलावा भी गाँवों में बहुत कुछ करने की उमंगहै। संत-महात्माओं के पदचिन्हों पर चलकर गाँवों को स्वर्ग बनाना है। संत कबीर जी भी फरमा गए थे कि,‘धन रहे न जौबन रहे, रहे गाँव न ठाँव, कबीरा जग में वो रहे, कर जाए कुछ काम’ ...यही सोच लेकर गाँवों का विकास करना है।
सवाल-8 : क्या आपको विश्वास है कि वार्ड के लोग आपके साथ हैं ?
जवाब : वोट हमेशा ही विश्वास पर दिया जाता है। मैं और मेरे परिवार से कोई अपरिचित नहीं है। हमारे व्यक्तित्व को हर कोई जानता है। मेरे पिता जी संत लाल बड़गुजर ने हमेशा ही सभी का सम्मान किया। हर किसी से मिल-जुलकर रहे। जैसा कि मैंने पहले बताया चाहे मैं कहीं भी रहा, गाँव के सुख-दु:ख में हमेशा शरीक रहा। तो विश्वास का तो सवाल नहीं है। वार्ड के सभी गाँवों में अब से पहले तीन बार डोर-टू-डोर जनसंपर्क कर चुका हूं और यह सिलसिला लगातार जारी है। इस दौरान सभी गाँवों में ग्रामीणों का भरपूर प्यार और आशीर्वाद मिल रहा है। इसलिए मुझे पूर्ण यकिन है कि क्षेत्र के लोग मुझे अपना आशीर्वाद देंगे।
सवाल-09: अपने वार्ड के मौजूदा पार्षद के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?
जवाब : जो जनता का प्रतिनिधित्व करता है, वो जनता के प्रति जवाबदेह भी है। राजनीति करना है तो आपके पास 5 साल का टर्नओवर है। पांच साल बाद स्वाभाविक तौर पर जनता आपसे पूछेगी। आपके द्वारा किए अच्छे-बुरे सभी कार्यों का आंकलन करेगी। अगर आपने सही काम किया होगा तो आपको दोबारा सिर माथे पर बैठाएगी नहीं तो सबक ही सिखाएगी। अब वो समय नहीं रहा कि कोई उम्मीदवार किसी को बहका कर वोट ले जाएगा। अब गाँव भी जागरूक हो चुके हैं। हमारे इलाके के गाँव तो वैसे भी शिक्षित गाँव हैं। यहाँ कोई जातिगत द्वेष, विसंगति नहीं रही। हर कोई अपने विवेक से मत का इस्तेमाल करता है।
सवाल-10: आपकी नजर में गाँव का सरपंच कैसा होना चाहिए और वह गाँव में कैसे विकास करे?
जवाब : गाँव का प्रथम नागरिक सरपंच ही होता है। सरपंच को चाहिए कि वह मतदाताओं का सम्मान करते हुए गाँव में बगैर किसी भेदभाव के समान रुप से विकास कार्य करवाए। चुनावी रंजिश या जाति/मोहल्ले के चक्कर में पड़ना किसी भी जन प्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। सरपंच के लिए पूरा गाँव एक परिवार की तरह होता है। ज्यादा कुछ न कहते हुए सिर्फ इतना ही कहूंगा कि संसार का प्रत्येक व्यक्ति अपनी हसरत पूरी करना चाहता है। उस हसरत में भी लोकहित जुड़ा हो तो उससे बड़ी बात नहीं।
सवाल-11: अपने वार्ड के वोटरों के नाम क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब : सभी मतदाताओं से अपील करना चाहूंगा कि योग्य और शिक्षित प्रतिनिधि ही चुनें। जिसके दिल में आपके गाँवों के लिए कुछ कर गुजरने की भावना हो। मुझे पूरा विश्वास है कि मेरे वार्ड के गाँवों के मतदाता बिल्कुल सही व योग्य उम्मीदवार का ही चयन करेंगे। आज वो जमाना नहीं रहा कि कोई उम्मीदवार आडम्बर करके या झूठ बोलकर वोट जाएगा। ग्रामीण अब अपने हकों को लेकर जागरुक हो चुके हैं। इसलिए मुझे पूर्ण यकिन है कि वार्ड के मतदाता एक शिक्षित व योग्य उम्मीदवार का ही चयन करेंगे।
जिला पार्षद वार्ड नंबर-29 में आने वाले गाँव
लोहारी राघो, गामड़ा, गढ़ी अजीमा, मोठ रांगड़ान, मोठ करनैल, ढ़ाणी कुम्हारान, ढ़ाणी ब्राह्मणान, पाली, राजपुरा, माढ़ा, माजरा तथा पेटवाड़
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