- पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की घोषणा के सात साल बाद भी लोहारी राघो में शुरू नहीं हुआ हर्बल पार्क का निर्माण कार्य
- 5 सितंबर 2019 को लोहारी राघो के हर्बल पार्क के लिए 1.12 करोड़ तो सिंधड़ गांव के हर्बल पार्क के लिए मंजूर की गई थी 1.91 करोड़ की राशि
- वर्ष 2014 के विय चुनाव के दौरान किया था लोहारी राघो को पिकनिक स्पॉट बनाने का वादा
- हर्बल पार्क में दुर्लभ औषधीय जड़ी-बूटियों के लगाए जाने की है योजना
संदीप कम्बोज। विलेज ईरा
हिसार/नारनौंद। क्या नेताओं का काम अब चुनावों के दौरान वोटरों को लुभाने के लिए सिर्फ लोलीपोप देना ही रह गया है। क्या चुनावों के नजदीक आते ही वोट बटोरने के लिए गाँव-शहरों के विकास को लेकर नेताओं द्वारा किए गए वादे सिर्फ छलावा होते हैं। (When-will-the-herbal-park-be-built-in-Lohari-Ragho-and-Sindhr-village) यह बात 100 फीसद सच होती दिखाई दे रही है जिला हिसार के हल्का नारनौंद अंतर्गत आने वाले गाँव लोहारी राघो व हांसी द्वितीय ब्लॉक अंतर्गत आने वाले गाँव सिंधड़ में। पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु द्वारा गाँव लोहारी राघो के लोगों के साथ वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया वादा आज तक पूरा नहीं हो पाया है। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले 6 सितंबर 2019 को पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने गाँव लोहारी राघो को पिकनिक स्पॉट बनाने का वादा करते हुए यहां आलीशान पार्क बनाने का वादा किया था। वे चुनाव भी जीत गए और नारनौंद के विधायक के साथ-साथ वित्तमंत्री भी बने। लेकिन पूरे पांच साल यानि 2019 तक उन्हें लोहारी राघो गाँव के साथ किया गया वादा याद नहीं आया। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के समय जब मंत्री महोदय को अपने वादे की याद आई तो विधानसभा चुनाव की आहट से ठीक पहले 6 सितंबर 2019 को एक बार फिर गाँव लोहारी राघो व सिंधड़ गांव में हर्बल पार्क बनाने का राग अलापा गया। 5 सितंबर 2019 को उनके द्वारा की गई घोषणा के अनुसार लोहारी राघो हर्बल पार्क के लिए 1.12 करोड़ तो सिंधड़ गांव के हर्बल पार्क के लिए 1.91 करोड़ की राशि मंजूर की गई थी। लेकिन चुनाव आए और चले गए। आज चुनावों को खत्म हुए भी 2 साल 2 माह बीत चले हैं लेकिन अभी तक इन घोषणाओं पर काम शुरू नहीं हो पाया है। हर्बल पाक तो बनाना दूर की बात वन विभाग ाँव में एक बार भी झांकने तक नहीं आया। दोनों गाँवों के पास हर्बल पार्क बनाने के लिए पर्याप्त जगह भी है। सिंधड़ की सरपंच रानी देवी के मुताबिक उनके गाँव में हर्बल पार्क के लिए जगह है लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से पैसा नहीं भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2019 में सिंधड़ गाँव में 1.91 करोड़ की लागत से हर्बल पार्क के निर्माण की घोाषणा की गई थी लेकिन अभी तक उन्हें अब तक यह बताने वाला कोई नहीं है कि आखिर यह बनेगा कब ? वहीं लोहारी राघो के ग्रामीण भी अब हर्बल पार्क प्रोजेक्ट को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को यदि कोई काम करवाना ही नहीं है तो फिर झूठी घोषणाएं क्या वोट बटोरने के लिए की जाती हैं।
बता दें कि इस हर्बल पार्क के निर्माण के सपने दिखाते हुए वादा किया गया था कि गांव लोहारी राघो व आसपास के ग्रामीणों को दुर्लभ किस्म के औषधीय पौधों के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सैकड़ों प्रकार के औषधीय पौधे व जड़ी-बूटियां इस हर्बल पार्क में स्थापित नर्सरी में ही उपलब्ध होंगी जिससे इलाके में औषधीय खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। हर्बल पार्क से निकली औषधियों का उपयोग गांव लोहारी राघो व आस-पास के लोग भी कर सकेंगे।
हर्बल पार्क के साथ-साथ पिकनिक का भी था वादा
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु जब भाजपा के लिए वोट मांगने आए थे तो उस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से वादा किया था कि गांव में ऐसा पार्क बनवाऊंगा जिसे देखने दूर-दूर के लोग आया करेंगे। यह पार्क ऐसा भव्य होगा कि आपके रिश्तेदार भी यहां आकर पिकनिक मनाएंगे। तो पूरे 5 साल बाद 2019 में सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लेकर 1 करोड़ 12 लाख की राशि मंजूर करेत हुए लोहारी राघो में हर्बल पार्क के निर्माण की मंजूरी दे दी लेकिन इसके दो साल बाद भी इस पर काम शुरू न हीं हो पाया है।
फिलहाल हरियाणा में 42 तो हिसार जिला में है एक हर्बल पार्क
वर्तमान में हरियाणा में 42 हर्बल पार्क स्थापित किए गए हैं जिनमें सबसे अधिक 8 हर्बल पार्क रेवाड़ी जिले में हैं। हिसार जिले में केवल एक हर्बल पार्क स्थापित है जो कि शतावर वाटिका के नाम से हिसार बीड़ में स्थित है। हरियाणा सरकार ने अब गांव लोहारी राघो व सिंधड़ में भी हर्बल पार्क के निर्माण की मंजूरी दे दी है। अब जिला हिसार में हर्बल पार्क की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी।
जानें इलाके को क्या होगा इस हर्बल पार्क का फायदा
हर्बल पार्क चिकित्सा के पारंपरिक भारतीय प्रणाली के बारे में लोगों को शिक्षित करने तथा जागरूकता पैदा करने, जीन पूल संरक्षण, गुणवत्ता युक्तक बीज के उत्पादन, तथा किसानों को वितरण हेतु पौध, के लिए प्रत्येक जिले में स्थापित किए गए हैं। इनमें किसानों को पूर्व सीटू खेती, प्राकृतिक जैव विविधता को बचाने के लिए औषधीय पौधों का प्रचार, एवं आय अर्जन के लिए प्रोत्साहित भी किया जाता है। इस हर्बल उद्यान से औषधीय प्रजातियों के संरक्षण में मदद तो मिलेगी ही साथ ही यह स्वदेशी और विदेशी दोनों प्रजातियों के लिए जीन पूल के रूप में भी काम करेंगे।
हर्बल पार्क स्थापित होने से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
- हरियाणा के औषधीय पौधों का संरक्षण
- संरक्षण और प्रचार प्रयोजनों के लिए स्वदेशी और विदेशी प्रजातियों के पौधों के एक जीन पूल का विकास करना
- स्थानीय लोगों द्वारा क्षेत्र में खेती को लोकप्रिय बनाने और भारतीय औषधीय और सुगंधित पौधों का उपयोग
- भारतीय आयुर्वेदिक प्रणाली को लोकप्रिय बनाने में मदद
- राखी गढ़ी आने वाले पर्यटकों के लिए भी बनेगा आकर्षण काकेंद्र
यह होंगी हर्बल पार्क की विशेषताएं
- पार्क में सैकड़ों प्रकार के औषधीय पेड़, जड़ी बूटी, झाड़ियों और लताओं के रूप में उपलब्ध होंगे
- औषधीय प्रजातियों के पौधे मिलने से किसान भी औषधीय खेती में लेंगे रूचि जिससे आमदनी बढ़ेगी
- किसानों को वितरण के लिए गुणवत्ता युक्त बीज और पौध उत्पादन
- पार्क की सुंदरता में चार चांद लगाएंगे घुमावदार रास्ते व सौंदर्य की दृष्टि से बनने वाली हर्बल क्यारियां
- पर्यटकों की सुविधा के लिए बैठने के लिए स्थान व चलने के लिए बनेगा पैदल पार
- हर पौधे के सामने नेम प्लेट लगी होगी जिस पर उसका नाम अंकित होगा जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
जानें क्या कहते हैं अधिकारी
जब हर्बल पार्क के निर्माण को लेकर लोहारी राघो ग्राम सचिव राजपाल से बात की गई तो उन्होंने इसे उद्यान विभाग का काम बताया। जब जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिहाग से बात की गई तो उन्होंने इसे वन विभाग का कार्य बताया। और जब जिला वन अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो बार-बार फोन करने पर भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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