- एक सप्ताह में देना होगा नोटिस का जवाब, तत्पश्चात होगी अगली कार्रवाई
- एसडीएम नारनौंद विकास यादव ने भी बीडीपीओ को पंचों द्वारा किए गए अवैध कब्जे छुड़वाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के दिए आदेश
- ग्राम सचिव ने दी जानकारी, अन्य कब्जाधारियों को भी जल्द भेजे जाएंगे नोटिस
- ग्राम सरपंच के पास भेजे गए हैं नोटिस, कब्जाधारियों के पास वितरण करने की जिम्मेदारी अब सरपंच की
- निशानदेही रिपोर्ट में 28 एकड़ पंचायती जमीन पर काबिज पाए गए हैं 746 अवैध कब्जाधारी
- 700 से ज्यादा ग्रामीणों ने पंचायती जमीन पर तो 14 लोगों ने किया है पंचायती कृषि भूमि पर अवैध कब्जा
- कलेक्टर रेट के हिसाब से करीब 26 करोड़ रुपए बताई जा रही है कब्जा की गई जमीन की कीमत
संदीप कम्बोज
नारनौंद। उपमंडल के गाँव लोहारी राघो में पंचायती जमीन पर काबिज पाए गए अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरु कर दी है जिससे सैकड़ों कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है। तहसील प्रशासन द्वारा डेढ़ साल लंबे इंतजार के उपरांत करवाई गई निशानदेही रिपोर्ट के आधार पर बीडीपीओ कार्यालय द्वारा पहले चरण में गाँव के 10 वर्तमान पंचों समेत करीब 60 अवैध कब्जाधारियों को 24 ए के नोटिस भेजे जा रहे हैं। (Action-started-against-Panchayat-land-occupiers-in-Lohari-Ragho-notice-issued-to-60-including-10-occupier-Panchs) ग्राम सचिव मनोज ने बताया कि बीडीपीओ कार्यालय से नोटिस बनाकर ग्राम पंचायत के पास भेज दिए गए हैं। अब कब्जाधारियों तक नोटिस पहुंचाने की जिम्मेदारी सरपंच की है। नोटिस में अवैध कब्जाधारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। यदि वे एक सप्ताह में नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दूसरे व तीसरे चरण में अन्य कब्जाधारियों के पास भी नोटिस भेजे जाएंगे।इसके अलावा एसडीएम विकास यादव ने भी आज शुक्रवार को बीडीपीओ को कब्जाधारक पंचों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटवाने व उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने के लिखित में आदेश दे दिए हैं। प्रशासन द्वारा की जा रही इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों के बीच खलबली मच गई है। अब कब्जाधारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए भाग-दौड़ शुरु कर दी है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण मांगा राम कम्बोज ने गत वर्ष 5 अप्रैल 2024 को सीएम विंडो, राज्य चुनाव आयोग, डायरेक्टर पंचायत हरियाणा, उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हिसार,डीडीपीओ हिसार, बीडीपीओ नारनौंद व एसडीएम नारनौंद समेत आलाधिकारियों को ई-मेल से भेजी शिकायत में गांव लोहारी राघो में में मौजूदा पंचों पर पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे करने के आरोप लगाते हुए कब्जाधारक पंचों की सदस्यता रद्द किए जाने, संबंधित वार्डों में पंचायत चुनाव दोबारा से करवाए जाने समेतव अन्य समस्त कब्जाधारकों के खिलाफ सख्त से सख्त प्रशासनिक व कनूनी कार्रवाई किए जाने व अवैध कब्जों पर बुल्डोजर चलाए जाने की गुहार लगाई थी। तत्पश्चात राज्य सरकार व जिला प्रशासन ने तहसीलदार नारनौंद को गाँव की समस्त पंचायती जमीन, जोहड़ों व फिरनी की निशानदेही करवाने के आदेश दिए। 7 फरवरी से 28 फरवरी 2025 तक की गई निशानदेही की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 66 पेजों की इस रिपोर्ट के मुताबिक गाँव की करीब 28 एकड़ पंचायती जमीन पर 746 अवैध कब्जाधारी पाए गए हैं जिनमें 10 मौजूदा पंच हैं। रिपोर्ट के अनुसार 732 ग्रामीणों के पंचायती जमीन पर तो 14 के कृषि योग्य पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे पाए गए हैं। खास बात यह है कि गांव में स्थित पंजाब नैशनल बैंक की शाखा जिस निजी किराए के भवन में चल रही है उसे भी निशानदेही रिपोर्ट में अवैध कब्जे में दर्शाया गया है। कब्जा की गई पंचायती जमीन का कुल रकबा 123811 स्क्वेयर यार्ड तो कब्जायुक्त कृषि जमीन का कुल रकबा 11592 स्क्वेयर यार्ड है। इसके अलावा कुछ पूर्व पंच, पूर्व सरपंच, नंबरदार व गाँव के प्रभावशाली रसूखदार लोग भी पंचायती जमीन पर कुंडली मारे बैठे हैं। कब्जा की गई पंचायती जमीन की कलेक्टर रेट के हिसाब से वर्तमान कीमत लगभग 26 करोड़ रुपए बताई जा रही है। निशानदेही रिपोर्ट आने के बाद गाँव में अवैध कब्जाधारकों की धड़कनें बढ गई हैं। खासकर अवैध कब्जाधारक 10 पंचों की पंचायत सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है। क्योंकि एसडीएम विकास यादव भी कब्जाधारक पंचों व अन्य के खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने के संकेत दे चुके हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया है कि किसी भी अवैध कब्जाधारक को बख्शा नहीं जाएगा।
इन वर्तमान पंचों के पास भेजे गए हैं नोटिस
ग्राम सचिव मनोज के मुताबिक हमने सीएम विंडो से मिली शिकायत व निशानदेही रिपोर्ट के आधार पर ही 10 अवैध कब्जाधारी पंचों के पास नोटिस भेजे जा रहे हैं। निशानदेही रिपोर्ट में पंच रमेश कुमार, नरेंद्र कुमार, निषा व वीरेंद्र सैनी स्वंय अवैध कब्जाधारक हैं जबकि अन्य 6 पंचों ने प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए अपने परिजनों के नाम लिखवा दिए हैं। जबकि शिकायतकर्ता मांगाराम का आरोप है कि वे आज भी उसी कब्जा की हुई जमीन पर ही रह रहे हैं और इनमें से अधिकतर के नाम का सूचना बोर्ड भी इसी कब्जा की गई जमीन पर लगा है।
पंचायती जमीन के अभाव में दूसरे गाँवों को आवंटित हो गए कई प्रोजेक्ट
पंचायती जमीन पर कब्जों का गांव को एक नुकसान यह भी हुआ कि प्रदेश व केंद्र सरकार की और से पिछले कई सालों में गाँव लोहारी राघो को आवंटित हुए कई प्रोजेक्ट महज इसलिए साथ लगते गाँवों की पंचायतों को आवंटित कर दिए गए क्योंकि गाँव लोहारी राघो के पास पंचायती जमीन नहीं थी। ग्राम पंचायत के हिस्से जो भी बड़े प्रोजेक्ट आए, वे जमीन की कमी के कारण ही दूसरे गाँवों में चले गए क्योंकि ग्राम पंचायत अपनी टिप्पणी में गांव में पंचायती जमीन न होने का जवाब दिया जाता रहा। लेकिन आज तक किसी भी पंचायत ने इन 28 एकड़ जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को छुड़वाना तो दूर की बात, इन कब्जाधारकों को एक नोटस तक नहीं थमाया गया।
जानें क्या है पूरा मामला
उल्लेखनीय
है कि ग्रामीण मांगा राम कम्बोज ने गत वर्ष 5 अप्रैल 2024 को सीएम विंडो,
सीएम कार्यालय, राज्य चुनाव आयोग, डायरेक्टर पंचायत हरियाणा, उपायुक्त एवं
जिला निर्वाचन अधिकारी हिसार,डीडीपीओ हिसार, बीडीपीओ नारनौंद व एसडीएम
नारनौंद समेत आलाधिकारियों को ई-मेल से भेजी शिकायत में जिला हिसार की
तहसील नारनौंद अंतर्गत ग्राम पंचायत लोहारी राघो में मौजूदा पंचों द्वारा
ग्राम शामलात देह, चरांद भूमि, फिरनी, जोहड़ों व काश्त, गैर काश्त समेत
गाँव की समस्त पंचायती भूमि पर किए गए अवैध कब्जों की जानकारी देते हुए
कब्जाधारक पंचों की सदस्यता रद्द किए जाने व इनके खिलाफ सख्त से सख्त
प्रशासनिक व कनूनी कार्रवाई किए जाने समेत संबंधित वार्डों में पंचायत
चुनाव दोबारा से करवाए जाने की गुहार लगाई थी। इस संबंध में राज्य निर्वाचन
आयोग, हरियाणा कार्यालय द्वारा दो बार उपायुक्त एवं जिला निवार्चन अधिकारी
(पं0) हिसार को भेजे गए पत्र क्रमांक रा0नि0आ0/2 ई-।।/2024/257, दिनांक
16.04.2024 तथा रा0नि0आ0/2 ई-।।/2024/492, दिनांक 11.06.2024 द्वारा
मांगाराम कम्बोज पुत्र सोनाराम कम्बोज, गाँव लोहारी राघो, तहसील नारनौंद,
जिला हिसार से प्राप्त शिकायत की प्रति भेजकर मामले में आवश्यक कार्यवाही
करके कार्यवाही बारे राज्य निर्वाचन आयोग व शिकायतकर्ता को सूचित करने के
निर्देेष दिए गए थे। इस संबंध में तहसील नारनौंद द्वारा ग्राम पंचायत
लोहारी राघो में निशानदेही संबंधी कार्य 7 फरवरी 2025 से 28 फरवरी
2025 तक पूरा कर लिया गया है जिसकी नकल रिपोर्ट तहसील कार्यालय नारनौंद से
10 जून 2025 को प्राप्त हुई जो कि साथ में सलंग्न है। जिला प्रशासन
द्वारा करवाई गई इस निशानदेही रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम पंचायत लोहारी राघो
के 18 में से 10 वर्तमान पंचायत सदस्य पंचायती जमीन पर काबिज पाए गए हैं।
पहले तो राजनीतिक दबाव बनाकर एक साल तक निशानदेही को टाला जाता रहा और बाद
में निशानदेही हो जाने के उपरांत रिपोर्ट को जान बूझकर 4 माह तक लटकाया गया
ताकि शिकायतकर्ता इस मामले से किनारा कर ले तथा अवैध कब्जाधारक पंचों के
खिलाफ कोई कार्रवाई न हो पाए।
जानें लोहारी राघो में कुल कितनी जमीन पर अवैध कब्जे और कितने कब्जाधारी
खसरा नंबर अवैध कब्जा क्षेत्र कुल कब्जाधारी
197,98,214 11089 वर्ग गज 74
370,69 33454 115
371,72 50251 275
373 10571 78
374 13858 132
380 4588 58
कृषि योग्य जमीन 11592 14
कुल अवैध कब्जे 135403 वर्ग गज 746
निशानदेही रिपोर्ट में मिली ये गड़बड़ियां, कहाँ गायब हो गए 51 नाम
निशानदेही
रिपोर्ट में 77 कब्जाधारकों का कब्जा क्षेत्रफल के सामने 0 दर्ज किया गया
है जो कि सवालों के घेरे में है। अब ये 77 लोग कौन हैं, ग्राम पंचायत के
चहेते हैं या किसी नेता या प्रभावशाली व्यक्ति के कहने पर ऐसा किया गया है,
यह सब जांच का विषय है। जब इस बारे में रिपोर्ट तैयार करने वाली एजेंसी से
बात की गई तो उनका कहना था कि जिन कब्जाधारकों के कब्जा विवरण के सामने
संख्या 0 दर्शाई गई है, इन लोगों को यह जगह केंद्र व हरियाणा सरकार द्वारा
विभिन्न आवास योजनाओं के तहत अलग-अलग सालों में आवंटित की गई है। अब यह तो
जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि क्या वास्तव में इन सभी 77 कब्जाधारकों को
सरकार द्वारा आवास योजनाओं के तहत ये जगह आवंटित की गई है। यदि ऐसा नहीं है
तो रिपोर्ट पर सवाल उठना लाजिमी है। इसके अलावा निशानदेही रिपोर्ट में जो
एक और खामी पकड़ में आई है, वह यह कि खसरा नंबर 373 में क्रम संख्या 1 के
बाद सीधा क्रम संख्या 33 आ जाता है और क्रम संख्या 40 के बाद सीधा 60। अब
इन सख्ंयाओं के बीच वाले 51 कब्जाधारकों के नाम आखिर कहां गायब कर दिए गए
हैं। क्या क्रम संख्या 2 से 32 व 41 से 59 तक के नामों को किसी ने कटवा
दिया है या फिर रिपोर्ट से छेड़छाड़ करवाई गई है। यह भी संदेहास्पद है तथा
जांच का विषय है कि रिपोर्ट से छेड़छाड़ की गई या जानबूझ कर चहेते
कब्जाधारकोंं के नाम लिस्ट से गायब करवा दिए गए।
कार्रवाई से बचने को पंचों ने लिखवा दिए अपने परिजनों के नाम
निशानदेही
रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कब्जाधारक कई मौजूदा पंचों
ने निशानदेही रिपोर्ट में प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अपने
परिजनों के नाम लिखवा दिए हैं जबकि वे आज भी उसी कब्जा की हुई जमीन पर रह
रहे हैं और इनमें से अधिकतर के नाम का सूचना बोर्ड भी इसी कब्जा की गई जमीन
पर लगा है। निशानदेही करने आई एजेंसी को किसी कब्जाधारक पंच ने अपने पिता
का नाम लिखवा डाला तो किसी ने अपने पति, ससुर, भाई तथा देवर का। इसके अलावा
इस मामले में सीएम कार्यालय के आदेश पर की गई पुलिस जांच के दौरान ये सभी
कब्जाधारक पंच पंचायती जमीन पर किसी तरह का कोई अवैध कब्जा न किए जाने के
झूठे ब्यान दर्ज करवा चुके हैं। पंचायत चुनाव 2022 के समय भी इन पंचों
द्वारा चुनाव अधिकारी के समक्ष जमा करवाए गए शपथ पत्रों में भी पंचायती
जमीन पर कब्जा न होने का हवाला दिया गया था जो कि सरासर झूठा निकला।
क्योंकि अब निशानदेही रिपोर्ट में उक्त पंचों का अवैध
कब्जा साबित हो चुका है तथा ये सभी कब्जाधारक पंच 2022 के पंचायत चुनाव
से पहले से ही पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा जमाए हुए हैं।
पंचायती जमीन पर चल रहा पंजाब नैशनल बैंक, रिपोर्ट में खुली पोल
जिला
प्रशासन द्वारा करवाई गई निशानदेही रिपोर्ट में एक और हैरान कर देने वाला
मामला सामने आया है। गाँव लोहारी राघो में पिछले लगभग 12-13 साल से जिस जगह
पर पंजाब नैशनल बैंक चल रहा है, उस जगह को भी अवैध कब्जे में दर्शाया गया
है यानि कि उस जगह पर अवैध कब्जा है। सूत्रों से पता चला है कि पंजाब नैशनल
बैंक इस भवन के लिए इसके मालिक को पिछले कई सालों से किराया अदा कर रहा
है। निशानदेही रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में जिस जगह पर पंजाब नैशनल बैंक
स्थित है, वह जगह खसरा नंबर 371-372 में है। और निशानदेही रिपोर्ट में
सीरियल नंबर 136 पर इस जगह को अवैध कब्जे में हरिश पुत्र शामदास के नाम से
दर्शाया गया है।
742 अवैध कब्जाधारक, ग्राम पंचायत ने सिर्फ एक को घसीटा कोर्ट
प्रशासन
द्वारा करवाई गई निशानदेही में ग्राम पंचायत लोहारी राघो में पंचायती जमीन
पर कुल 742 अवैध कब्जाधारक पाए गए हैं। लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा अब तक
सिर्फ एक ही अवैध कब्जाधारक मांगाराम कम्बोज के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया
है। पंचायती जमीन कब्जाने का यह केस पिछले 17 साल से कब्जाधारी मांगाराम
कम्बोज के खिलाफ न्यायालय में चल रहा है। अब सवाल उठता है कि ग्राम पंचायत
को सिर्फ एक ग्रामीण का अवैध कब्जा तो दिखाई दे गया बाकि के 741 अवैध
कब्जाधारक क्यों नहीं दिखाई दिए। पंचायती जमीन पर अवैध कब्जों का यह
सिलसिला पूर्व की पंचायतों में चला और पूर्व सरपंचों की शह से ही ये अवैघ
कब्जे करवाए जाते रहे। पूर्व सरपंच ने चुनावी रंजिश के चलते सिर्फ एक
ग्रामीण मांगाराम कम्बोज के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया तथा अन्य कब्जाधारकों
पर आज तक आंखें मूंदे रहे तथा बेखौफ होकर अवैध कब्जे करवाते रहे। अब
शिकायतकर्ता का कहना है कि क्या अब ग्राम पंचायत इन 741 अवैध कब्जाधारियों
के खिलाफ भी केस दर्ज करवाएगी या इन्हें कब्जा बेदखली के नोटिस भेजेगी
क्योंकि अब तो इन सभी पर अवैध कब्जा साबित भी हो चुका है।
सभी कब्जाधारी पंचों व अन्य पर होगी सख्त कार्रवाई
गाँव
लोहारी राघो में पंचायती जमीन की निशानदेही रिपोर्ट में पाए गए अवैध
कब्जों संबंधी शिकायत मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक जिन भी पंचायत सदस्यों व
ग्रामीणों के पास अवैध कब्जा पाया गया है, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त से
सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विकास यादव
एसडीएम नारनौंद
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