- बस स्टेंड से लिफ्ट लेने वाली नवविवाहिता भी गंभीर रुप से घायल, हांसी सिविल अस्पताल में चल रहा उपचार
- ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर रद्द की गई हैं जवानों की छुट्टियां
- गाँव गढ़ी अजीमा के पास हुआ हादसा
- जिला हिसार के गाँव लोहारी राघो के रहने वाले थे शहीद कमल कम्बोज
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| शहीद कमल कम्बोज का फाइल फोटो |
संदीप कम्बोज
नारनौंद। ऑपरेशन सिंदूर के चलते जवानों की छुट्टियां रद्द करने के मद्देनजर मंगलवार दोपहर ड्यूटी पर लौट रहे भारतीय वायुसेना के जवान को एक तेजरफ्तार ट्रक ने बेरहमी से रौंद डाला। इस हादसे में 24 वर्षीय फौजी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि रास्ते में लिफ्ट मांगने वाली एक नवविवाहिता गंभीर रुप से घायल हो गई जिसका सिविल अस्पताल हांसी में उपचार चल रहा है। मृतक सैनिक के शव को हिसार स्थित आर्मी अस्पताल भेजा गया है जहां उसका पोस्टमार्टम चल रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। हादसा उपमंडल नारनौंद के गाँव मोठ-लोहारी राघो मार्ग पर हुआ। हादसे के तुरंत बाद आरोपी ट्रक चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। शहीद फौजी की पहचान गाँव लोहारी राघो निवासी कमल कम्बोज पुत्र कश्मीरी लाल के रुप में हुई है।
मिली जानकारी के मुताबिक गाँव लोहारी राघो निवासी कमल कम्बोज वर्ष 2022 से भारतीय वायुसेना में बतौर कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। कमल की पोस्टिंग लद्दाख में हुई थी। गत 28 अप्रैल को वह छुट्टी लेकर वह अपने गाँव लोहारी राघो आए थे। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर सेना के जवानों की छुट्यिां रद्द करने का संदेश पाकर वह आज वापिस ड्यूटी पर लौट रहे थे। शाम 5 बजे कमल ने नई दिल्ली से ट्रेन पकड़नी थी। ड्यूटी पर जाने के लिए कमल ने बाईक उठाई और घर से हांसी के लिए चल पड़े। जैसे ही वह गाँव लोहारी राघो के बस स्टैंड पर पहुंचे तो वहां बस का इंतजार कर रही नवविवाहिता प्रीति उर्फ कोमल पुत्री सोनू भड़बूजा ने उससे लिफ्ट मांग ली। कमल ने प्रीति को बाईक पर बैठाया तथा माजरा प्याऊ की तरफ चल पड़े। जैसे ही वह गाँव गढी अजीमा के पास पहुंचे तो खेतों की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार डंफर ने उनकी बाईक को टक्कर मारकर रौंद दिया। इस हादसे में कमल की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पीछे बैठी नवविवाहिता प्रीति भी बुरी तरह घायल हो गई। प्रीति के पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं। राहगिरों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक फौजी की पहचान कर उसके शव को हिसार स्थित आर्मी अस्पताल पहुंचाया जबकि गंभीर रुप से घायल प्रीति को हांसी स्थित सिविल अस्पताल भिजवाया जहां उसका उपचार चल रहा है। जवान फौजी की मौत से गाँव लोहारी राघो में शोक की लहर है। समाचार लिखे जाने तक मृतक फौजी का शव गांव नहीं पहुंच पाया था।
इकलौता लाल था कमल, माँ शीला देवी हैं मिड-डे-मिल वर्कर
शहीद कमल कम्बोज अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। जब वे दो वर्ष के थे तो पिता का देहांत हो गया। तो माता शीला देवी ने ही उनका पालन-पोषण किया। उन्होंने मेहनत-मजदूरी करके कमल को अच्छे स्कूल में पढाया और सेना के लिए तैयारी करवाई। बता दें कि माता शीला देवी गाँव लोहारी राघो स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मिड-डे-मिल वर्कर हैं।
पाकिस्तान का नाम सुनते ही खौल उठता था कमल का खून मृतक के दोस्त कमल वैद ने बताया कि शहीद कमल कम्बोज बहुत ही मिलनसार,दयालु व हंसमुख स्वभाव के थे। देशभक्ति तो उनमें कूट-कूट कर भरी थी। हमेशा बहादुरी की बातें करने वाले कमल का पाकिस्तान का नाम सुनते ही खून खौल उठता था। आज सुबह जब कमल को सूचना मिली की भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राईक कर पहलगाम का बदला ले लिया है तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। कमल की माता शीला देवी पिछले सालभर से काला पीलिया से पीड़ित हैं। इस हादसे के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है। कमल की मौत से पूरे गाँव लोहारी राघो में गम का माहौल है।
छुट्टी पर आकर गरीब खिलाड़ियों की मदद करते थे कमल
शहीद कमल कम्बोज बचपन से ही दयालु स्वभाव के थे। गरीबों व जरुरतमंदों की मदद को वे हर समय तैयार रहते। जब भी वे छुट्टी पर गाँव आते तो अपना समय खेल मैदान में गरीब खिलाड़ियों के साथ बीताते तथा उन्हें सेना में भर्ती होने के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण देते। यह उनका हर बार का नियम था। अपनी सैलरी से वे गरीब खिलाड़ियों की मदद करना कभी नहीं भूले। उनका सपना था कि गाँव के ज्यादा से ज्यादा युवा उनसे प्रेरित हों तथा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करें। भारतीय वायुसेना में नौकरी लग जाने के बाद परिजन अब उनकी शादी की तैयारी मेंं जुटे थे।
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| शहीदी दिवस के अवसर पर गाँव लोहारी राघो में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद शहीद कमल कम्बोज। |
नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़ ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय वायुसेना के वीर जवान कमल कंबोज के शहादत पर नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़ ने दु:ख प्रकट करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट में विधायक जस्सी पेटवाड़ ने लिखा है कि गांव लोहारी राघो निवासी यह साहसी सपूत देश सेवा के लिए ड्यूटी पर लौटते समय सड़क हादसे में शहीद हो गया। आॅपरेशन सिंदूर के चलते अपनी छुट्टी बीच में ही समाप्त कर देश के प्रति कर्तव्य निभाने निकले थे, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में यह दु:खद घटना हो गई। जो अत्यंत दु:खद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहने की शक्ति दे।
कल राजकीय सम्मान के साथ होगा शहीद कमल कम्बोज का अंतिम संस्कार
शहीद कमल कम्बोज का अंतिम संस्कार कल दोपहर करीब 11 बजे गाँव लोहारी राघो स्थित शमशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।



