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संदीप कंबोज
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अलविदा कमल : अंतिम सफर पर लोहारी राघो का लाल, गम और गर्व के साथ शहीद कमल कम्बोज को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

  • हर आंख नम तो गला था रुंधा-रुंधा, रो पड़ा पूरा गाँव
  • हांसी विधायक विनोद भ्याना समेत भारतीय सेना के आला अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि
  • डेरा बाबा संघर साधा के महंत बाबा ब्रहमदास ने भी अर्पित किए श्रद्धासुमन 
  • भारतीय वायुसेना के जवानों ने  दिया गार्ड आफ आनर

 

संदीप कम्बोज
नारनौंद। देखो-देखो कौन आया शेर आया शेर आया, जब तक सूरज चांद रहेगा शहीद कमल कम्बोज का नाम रहेगा, शहीद कमल कम्बोज अमर रहे। वीरवार दोपहर इन्हीं गगनभेदी नारों की गूंज के साथ शहीद कमल कम्बोज का उनके पैतृक गाँव लोहारी राघो स्थित शमशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद कमल की अंतिम यात्रा के दौरान इस कदर जनसैलाब उमड़ा कि गाँव में करीब एक किमी से भी लंबा जाम लग गया। उनके अंतिम सफर में हर आंख नम तो हर गला रुंधा था। शहीद का पार्थिव शरीर देखकर मां शीला देवी समेत सभी परिजन बेसुध हो गए। ग्रामीण व रिश्तेदार उन्हें संभालते दिखे। विधायक विनोद भ्याना समेत सेना के अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। मां शीला तो तिरंगे में लिपटे बेटे के शव को देख बिलख बिलखकर रो रही थी। हालत ऐसी थी मानो जवान बेटा कुछ देर में उनके पास आकर बोल उठेगा। यह दृश्य देखकर वहां उपस्थित हर किसी की आंख नम हो उठी और गला भर आया। कोई भी अपने आंसू रोक नहीं पा रहा था। कमल के चचेरे भाई ने उसे मुखाग्नि दी। इससे पूर्व भारतीय वायुसेना के जवानों द्वारा उन्हें गार्ड आफ आॅनर दिया गया। शहीद कमल कम्बोज की अंतिम यात्रा में श्रद्धांजलि देने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से हांसी विधायक विनोद भ्याना, सिरसा के संगर साधा स्थित डेरा बाबा भुमन शाह के महंत बाबा ब्रहमदास, नारनौंद थाना प्रभारी बलवान सिंह, नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह समेत भारतीय वायुसेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों व ग्रामवासियों ने पुष्प अर्पित कर शहीद कमल को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि गत दिवस गाँव गढ़ी अजीमा के पास एक ट्रक डंफर की चपेट में आने से एयरफोर्स जवान कमल कंबोज की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए हांसी स्थित सिविल अस्पताल भेज दिया था। कमल की शहादत से पूरे गाँव में गम का माहौल है।


तिरंगे में लिपटकर आया लोहारी का लाल, फूट-फूटकर रोई मां
शहीद कमल के शव का पोस्टमार्टम करवाने के उपरांत जैसे ही वीरवार प्रात: एयर फोर्स की टुकड़ी उनकी पार्थिव देह को लेकर गाँव लोहारी राघो पहुंची तो भारत माता की जय और कमल कंबोज अमर रहे के नारों से आसमान गूंज उठा‌‌। तिरंगे में लिपटे कमल कंबोज के शव को देखकर उसकी मां फूट फूट कर रोने लगी। कमल कंबोज की मां बार-बार यही कह रही थी कि काश उसके बेटे की मौत सड़क हादसे में न होकर देश की रक्षा के लिए होती तो वह गर्व महसूस करती। लेकिन ड्यूटी पर जाते समय ट्रक चालक की लापरवाही से उसकी मौत हो गई और वह दुश्मन से दो-दो हाथ करने से पहले ही मौत की नींद सो गया। शहीद की पार्थिव देह को कुछ समय उनके घर में रखने के उपरांत अंतिम यात्रा निकाली गई।अंतिम यात्रा में विदाई देने के लिए गाँव लोहारी राघो व आस-पास के गाँवों के लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

सरकार व प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ, हरसंभव मदद करवाई जाएगी : विनोद भ्याना
विधायक विनोद भयाना ने बताया कि कमल कंबोज की शहादत से पूरा गाँव दुखी है। वे पीड़ित परिवार के साथ हैं। कमल 20 दिन की छुट्टी आया था लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच बने युद्ध के हालातों के चलते कल वह ड्यूटी पर वापिस लौट रहा था तो यह दुखद हादसा हो गया। कमल के पिता का बचपन में ही निधन हो गया था। उसकी मां शीला ने कड़ी मेहनत कर उसे पाल कोस पर इस मुकाम तक पहुंचाया। लेकिन अब उसका हमें इस तरह छोड़ कर जाना बहुत ही दुखदाई है। सरकार और प्रशासन की तरफ से जो भी परिवार के लिए सहयोग हो पाएगा वह करवाया जाएगा। पूरा गांव और पूरा क्षेत्र पीड़ित परिवार के साथ है। वह भगवान से प्रार्थना करते हैं कि कमल की आत्मा को शांति दे और अपने चरणों में जगह दें तथा परिवार को यह दुख सहन करने की हिम्मत दें।

विधवा मां का एकमात्र सहारा था कमल, टूट गई बुढापे की लाठी
जवान कमल के परिजन अशोक कुमार, पंकज, राजकुमार ने बताया कि कमल बड़ा ही होनहार युवा था। कमल के जहन में बचपन से ही सेना में जाने की ललक थी। जिसके लिए उसने जी तोड़ मेहनत की। घर में आर्थिक तंगी होते हुए भी कमल ने सेना की तैयारी की और 2022 में वायुसेना में भर्ती होकर ही दम लिया। वह जब भी गांव में छुट्टी पर आता तो सभी बुजुर्गों से आशीर्वाद लेना उसका हर बार का नियम था। पिता का पहले ही देहांत हो चुका है। इसलिए परिवार में कमाने वाला कमल ही था। परिवार में अब अकेली विधवा मां ही बची है। जवान की मामी आशा रानी, मौसी विमला देवी, व परमेश्वरी ने बताया कि कमल जब गर्भ में था तो उसी समय इनके पिता की मृत्यु हो गई थी उसके बाद इनकी मां इनको अपने मायके लोहारी राघो में लेकर आ गई और यहीं पर इसका लालन-पालन किया। कमल की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि वह छोटे-बड़े सभी का सम्मान करता था।

कमल का हमारे बीच से चले जाना बेहद दुखद : नायब तहसीलदार
नायब तहसीलदार ओमवीर ने कहा कि शहीद कमल का छोटी सी आयु में हमारे बीच से चला जाना दुखद है। प्रशासन दुख की घड़ी में शहीद के परिवार के साथ है। नारनौंद थाना प्रभारी बलवान सिंह ने कहा कि हमने यहां पर पहुंचकर पुलिस प्रशासन की तरफ से जवान कमल को श्रद्धांजलि अर्पित की है उन्होंने कहा कि यह दुख की घड़ी का समय है और इस दुख की घड़ी में हम परिवार के साथ हैं।

माँ को भी साथ ले जाने की थी तैयारी, ड्यूटी पर लौटने की तैयारी करते समय हो गया दुखद हादसा
बता दें कि गांव लोहारी राघो निवासी 24 वर्षीय कमल कंबोज वर्ष 2022 से भारतीय वायु सेना में बतौर कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। कमल की पहली पोस्टिंग लद्दाख में हुई थी। 28 अप्रैल को वह 20 दिन की छुट्टी लेकर अपने गांव आए थे। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए आॅपरेशन सिंदूर के मध्य नजर सेना के जवानों की छुट्टियां रद्द करने का संदेश पाकर वह बुधवार को वापस ड्यूटी पर लौट रहे थे। जैसे ही वे अपनी बाईक से गांव लोहारी राघो के बस स्टैंड पर पहुंचा तो वहां बस का इंतजार कर रही  प्रीति पुत्री सोनू ने उसे लिफ्ट मांग ली। कमल ने प्रीति को बाइक पर बैठाया और चल पड़े। गांव मोठ के पास बीच रास्ते एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मारकर रौंद दिया। इस हादसे में कमल की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पीछे बैठी नवविवाहिता बुरी तरह घायल हो गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची नारनौंद पुलिस ने मृतक जवान की पहचान करउसके  शव को हांसी के सामान्य अस्पताल में पहुंचाया। पोस्टमार्टम के उपरांत आज प्रात: उनकी पार्थिव देह तिरंगे में  लिपटकर गाँव पहुंची तथा दोपहर करीब 11 बजे गांव के शमशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्हें अंतिम विदाई देने गाँव लोहारी राघो समेत आस-पास के गाँवों से जनसैलाब उमड़ पड़ा।

केबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा व कुमारी सैलजा समेत कई राजनेताओं ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय वायुसेना के वीर जवान कमल कंबोज के शहादत पर केबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा, हिसार सांसद जयप्रकाश जेपी, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, उमेद लोहान, अत्तर सिंह सैनी, विधायक विनोद भ्याना समेत कई राजनेताओं ने दु:ख प्रकट करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट में राजनेताओंÞ ने लिखा है कि गांव लोहारी राघो निवासी यह साहसी सपूत देश सेवा के लिए ड्यूटी पर लौटते समय सड़क हादसे में शहीद हो गया। आॅपरेशन सिंदूर के चलते अपनी छुट्टी बीच में ही समाप्त कर देश के प्रति कर्तव्य निभाने निकले थे, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में यह दु:खद घटना हो गई। जो अत्यंत दु:खद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहने की शक्ति दे।




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"मैं संदीप कंबोज, लोहारी राघो की मिट्टी का एक छोटा सा अंश हूँ। मेरा उद्देश्य पत्रकारिता और ब्लॉगिंग के माध्यम से हरियाणा की समृद्ध विरासत, विशेषकर हड़प्पा कालीन इतिहास को जीवंत रखना है। मेरा मानना है कि हमारी जड़ें जितनी गहरी होंगी, भविष्य का वृक्ष उतना ही विशाल होगा। इस वेबसाइट के माध्यम से मैं आपको अपने गाँव के इतिहास, संस्कृति और आधुनिक बदलावों की यात्रा पर ले जाना चाहता हूँ।"

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