- आज होना है सीता हरण का शानदार मंचन, शिव तांडव रहेगा आकर्षण का केंद्र
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| फोटो : भ्याना डिजिटल स्टूडियो |
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संदीप कम्बोज/राजेश भ्याना
लोहारी राघो। गाँव लोहारी राघो में श्री रामा कल्ब के बैनर तले चल रही ऐतिहासिक रामलीला के छठे दिन भरत मिलाप का मंचन भाईयों के अटूट प्यार का अद्भुत संदेश दे गया। राम व भरत के विराट प्रेम के इस मंचन को देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। एक भाई के लिए दूसरे भाई के त्याग की मिसाल पेश करते इस दृश्य ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। मंचन के अनुसार राम को वनवास दिए जाने पर राम-लक्ष्मण व सीता सहित वन की ओर चले गए, जैसे ही भरत व शत्रुघ्न ननिहाल से वापस आए और उन्होंने राम को नहीं देखा तो वे भावुक हो गए और मां कैकेयी को पूछने लगे कि भइया कहां हैं। इस पर बताया कि राम को वनवास दिया गया है और तुम्हें राजगद्दी, इसलिए अब तुम राज तिलक की तैयारी करो। इस पर भरत ने साफ कह दिया कि वह किसी भी हाल में अयोध्या का राजा नहीं बनेंगे, वह राम भइया को वापस लाने के लिए वन में जाएंगे और उन्हें मनाकर वापस ले आएंगे। भरत व शत्रुघ्न दोनो भाई भइया राम की तलाश में वन में चले गए। जगह-जगह पता किया और आखिर उनकी मेहनत सफल हुई और उन्हें राम मिल गए। राम के पास जाकर भरत फूट फूट कर रोने लगे और कहा कि आपको निर्देश पिताजी ने दिये थे कि वन में जाओ, जब वह नहीं रहे तो आदेश तो समाप्त हो गया। इसलिए आप अयोध्या लौट चलो और राजगद्दी संभालो। राम नहीं माने और दोनों गले मिलकर रोते रहे। भरत और राम का मिलाप देखकर उपस्थित दर्शक भी भावुक हो गए। बाद में राम ने भरत को अयोध्या जाने का हुक्म दिया तो भरत ने कहा कि एक शर्त है कि जब तक आप नहीं आओगे तब तक अयोध्या में सिंहासन पर आपकी खडाऊं रहेगी, इसलिए आप मुझे अपनी खडाऊं दे दो। राम ने खडाऊं दी और भरत वापस अयोध्या की ओर लौट गए। चरण पादुका लेकर भरत वापस अयोध्या गए और उन्हें सिंहासन पर आसीन कर धरती पर अपना बिछौना बनाकर राम के सेवक के रूप में अयोध्या का राज चलाने लगे। इस प्रसंग का मंचन देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। कलाकारों के अभिनय ने सभी को प्रभावित किया। इस अवसर पर श्री रामा कल्ब के प्रधान सेवक गुलशन भ्याना, मुनीष चराया,सुभाष चावला, नंबरदार कृष्ण भ्याना, जयपाल, ईश्वर, डॉक्टर भूषण, रामप्रकाश उर्फ टीटी, कृष्ण कम्बोज, गोपी राम, इंद्रजीत तनेजा, राजकुमार सेठी, वेद प्रकाश चांदना, मास्टर सूबे सिंह, कृष्ण बडगुजर, रामगोपाल समेत गाँव के अनेक गणमान्यजन तथा भारी तादाद में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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| लोहारी राघो। ऐतिहासिक रामलीला में बतौर मुख्यातिथि पधारे लोहारी राघो गौशाला प्रधान बनारसी राठी को राम दरबार का स्मृति चिह्न भेंट करते श्री रामा कल्ब के सदस्य। फोटो : भ्याना डिजिटल स्टूडियो |
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