Type Here to Get Search Results !

लोहारी राघो TV

LIVE
Lohari Top
लोहारी राघो में फिर उठी मनरेगा घोटाले की सड़ांध, सुर्खियों में आया लोहारी राघो मनरेगा घोटाला पार्ट-2 ! गरीब मजदूर बेरोजगार, घोटालेबाज मालामाल, लोहारी राघो मनरेगा की काली कहानी राजनीति के जाम में फंसी राखीगढ़ी तक जाने वाली सड़क, सीएम घोषणा वाला हिसार-जींद हाईवे प्रोजेक्ट 11 साल बाद रद्द लोहारी राघो के विकास पुरुष नंद किशोर चावला की 35 साल की संघर्ष गाथा, जिन्होंने राजनीति और सिस्टम से लड़कर गाँव का विकास कराया,एक आम नागरिक बनाम पूरे सिस्टम की कहानी

लाइव अपडेट

  • लोहारी राघो Today
  • लोहारी राघो History
  • Gadar Of लोहारी राघो
  • लोहारी राघो Exclusive
  • लोहारी राघो Analysis
  • लोहारी राघो मनरेगा घोटाला पार्ट-2 !
  • लोहारी राघो Crime
  • लोहारी राघो Special
  • लोहारी राघो Sports
  • लोहारी राघो Gram Panchayt
  • लोहारी राघो Ramlila
  • लोहारी राघो Upcoming Events
संदीप कंबोज
BREAKING
Welcome to Harappa Village लोहारी राघो इतिहास की मिट्टी से लेकर विकास, संस्कृति और एकता का संगम खबरें, विकास और हमारी पहचान अब एक ही मंच पर जो छुपाया जा रहा है वही हम दिखाएंगे हम किसी पार्टी या नेता के गुलाम नहीं हम सिर्फ सत्य और संविधान के साथ

Lohari Ragho News

Welcome to Harappa Village Lohari Ragho : इतिहास की मिट्टी से लेकर विकास, संस्कृति और एकता का संगम। देखें गाँव लोहरी राघो की आधिकारिक वेबसाइट — खबरें, विकास और हमारी पहचान अब एक ही मंच पर

उच्च शिक्षित गाँव लोहारी राघो में कौन बजा रहा जातिवाद की डुगडुगी ? क्या इस बार लोहारी के वोटर जातियों के ठेकेदारों को सिखाएंगे सबक?

  • क्या किसी उम्मीदवार के एजेंडे में नहीं गाँववाद व विकास
  • गाँव में मौजूद अलग-अलग जातियों के ठेकेदारों ने चुनाव को बांट डाला जातिगत आधार पर
  • जातियों के आधार पर उम्मीद्वारों का करवा रहे समर्थन
  • उम्मीदवार चाहे नशेड़ी हो या दारुबाज, जातिगत ठेकेदारों को नहीं है इससे कोई सरोकार
  • वोटरों से अपील, गाँव में विकास करवाना है तो मत पड़ें जातिगत ठेकेदारोें के चक्कर में
  • अपनी समझ, व विवेक से अच्छे, नेक व ईमानदार उम्मीदवार को करें मतदान
  • 25 नवंबर के चुनाव नतीजे बताएंगे कितनी श्क्षिित है लोहारी राघो की सोच


संदीप कम्बोज

लोहारी राघो। पंचायत चुनाव हो और जातिवाद न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। लेकिन यदि कोई शिक्षित गाँव जातिवाद का जहर घोलता नजर आए तो थोड़ा ताज्जुब तो होगा ही। जिला हिसार के नारनौंद अंतर्गत ऐतिहासिक गाँव लोहारी राघो को भले ही शिक्षितों का गाँव कहा जाता है लेकिन पंचायत चुनाव के इस दौर में हमेशा की तरह इस बार भी यहां जातिवाद हावी है। इस चुनाव में जो मुख्य बात देखने में आ रही है, वह यह कि गाँव में मौजूद अलग-अलग जातियों के ठेकेदार जातिवाद की जमकर डुगडुगी बजा रहे हैं। इन जातिगत ठेकेदारों को न ही तो गाँव के सार्वजनिक विकास से कोई लेना-देना है और न ही इन्हें गाँव की असल समस्याओं की कोई चिंता है। इनकी मंशा सिर्फ और सिर्फ व्यक्तिगत व ज्यादा से ज्यादा अपनी जाति के चक्रव्यहु में ही उलझी नजर आ रही है। पिछले कई दिनों से गाँव में जातियों के नाम पर समर्थन लेने व देने का खेल सरेआम खेला जा रहा है। सरपंच उम्मीदवारों को समर्थन देने के नाम पर जातियों के ये ठेकेदार गंदी राजनीति करते नजर आ रहे हैं। रोजाना बैठकों का दौर जारी है। कभी किसी जाति विशेष के 8-10 ठेकेदार मिलकर किसी सरपंच उम्मीदवार को समर्थन की घोषणा कर देते हैं तो कभी किसी अन्य जाति के ठेकेदार मिलकर किसी अन्य सरपंच उम्मीदवार को। ये समर्थन की घोषणा करने वाले चंद ठेकेदार ही होते हैं न कि उनका पूरा समाज। जातिगत महफिलें सजाने वाले इन ठेकेदारों के समाज से ही कई व्यक्ति इनकी राय से सहमत नजर नहीं आते तथा वे उनसे अलग किसी दूसरे उम्मीदवार को सपोर्ट करते नजर आ रहे हैं। गाँव में अभी तक भी सिर्फ नाई समाज को छोड़कर कोई ऐसा समाज नहीं है जो पूरी तरह से एकमत हो पाया हो। जानते हो जातिवाद के इस गंदे खेल को खेलने वाले भला कौन लोग हैं, वे हैं गाँव में मौजूद अलग-अलग जातियों के ठेकेदार जो सभी अपने आप को वोटरों का माईबाप समझते हैं। माईबाप यानि जहाँ संबंधित जाति के ठेकेदार कहेंगे,उस जाति के वोटर उस उम्मीदवार को ही मतदान करेंगे। पंचायत चुनाव के इस महायुद्ध में असल इम्तिहान अब गाँव के वोटरों का है। गाँव के वोटरों को इन समर्थन लेने व देने वालों के खेल को समझना होगा कि आखिर वे जिस उम्मीदवार का समर्थन अपनी जाति के वोटरों से करवा रहे हैं, इसके पीछे उनकी निजी लालसा क्या हो सकती है। क्या वे अपने परिवार व जाति तक ही सीमित रहना चाहते हैं। वोटरों को सबसे पहले समझना होगा कि क्या इन जातिगत ठेकेदारों के एजेंडे में गाँववाद भी है या नहीं? क्या इनके पास गाँव के विकास का भी कोई प्लान है या नहीं? क्या इनके दिमाग में सिर्फ और सिर्फ जाति का ही कीड़ा घुसा है कि फ्लां जाति का पंच-सरपंच बन जाए तो हमें निजी लाभ मिल सकता है और न बना तो उनके हाथ कुछ नहीं लगने वाला। अगर आपकी जाति के ठेकेदार भी इस तरह की मंशा रखते हैं तो आपने इन ठेकेदारों की कोई बात नहीं माननी है। क्या ये जातिगत ठेकेदार गाँव की सबसे मुख्य समस्याओं जैसे जोहड़ों व पंचायती  जमीनों पर कब्जा करने वालों, बढ़ती नशाखोरी व नशे के सौदागरों की कमर तोड़ने तथा गाँव में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था तथा शिक्षा में सुधार की भी चिंता रखते हैं। यदि इनके एजेंडे में गाँव के सार्वजनिक विकास का कोई मुद्दा नहीं है तो आप सभी वोटरों का इनसे किनारा करने में ही फायदा है। हर पंचायत चुनाव में ये चंद जातिगत ठेकेदार तथा नेताओं के वर्कर ही जातिगत कार्ड खेलते नजर आते हैं। लेकिन आपने इनकी मंशा को अच्छे से समझना है। आज 21वीं सदी चल रही है और आज भी हम अपनी बुद्धी, विवेक का इस्तेमाल करने की बजाए इन जातिगत ठेकेदारों के पीछे चलते हैं तो बड़ी हैरानी होती है। क्या फायदा हमारे शिक्षित होने का जब हमें यह नहीं मालूम कि हमने अपना वोट किसे देना है, कौन उम्मीदवार नेक ,इमानदार व गाँव को बुलंदियों पर ले जाने की इमानदार सोच रखता है। लोहारी राघो गाँव को शिक्षितों का गाँव कहा जाता है और इस गाँव के लोग इतनी बड़ी गलती भला कैसे कर सकते हैं।इसलिए गाँव के सभी वोटरों से निवेदन है कि अपनी-अपनी जातियों के ठेकेदारों के बहकावे में बिल्कुल न आएं। ये लोग गाँव में जातिगत जहर घोलकर गाँव को खराब करने की तैयारी कर रहे हैं। 25 नवंबर को आप जब वोट डालने जाएं तो अपनी समझ व सूझ-बूझ से खुद ही अच्छे, नेक व ईमानदार उम्मीदवार की पहचान कर ही मतदान करें न कि आपकी जातियों के ठेकेदारों के ईशारे पर। किसी भी नशेड़ी को वोट न दें। किसी उम्मीदवार ने खुद या उसके परिजनों, रिश्तेदारों ने पंचायती जमीन या जोहड़ों पर अवैध कब्जे  किए हुए हैं या पूर्व पंचायत में रहते हुए पद का दुरुपयोग कर अपने घरों,आंगन में पहले से ही सरकारी ब्लोक लगवाए हुए हैं तो ऐसे उम्मीदवारों को वोट की चोट से करारा सबक सिखाएं। इसके अलावा कई ऐसे उम्मीदवार भी मैदान में हैं जो पूर्व पंचायतियों या फिर नेताओं के वर्करों के मोहरे हैं या यूं समझ लिजिए उनके जीत जाने के बाद कमान उनहीं पूर्व पंचायतियों व नेताओं के वर्करों के हाथों में होगी जिनके वे मोहरे हैं। अब चुने जाने के बाद ये नेताओं के करीबि लोग व पूर्व पंचायती आपके गाँव का कैसा विकास करवाएंगे, उसका अंदाजा आप पिछली पंचायत में हुए लाखों के मनरेगा घोटाले से लगा सकते हैं। इसलिए अब असल इम्तिहान लोहारी राघो के वोटरों का है। इस बार देखना दिलचस्प होगा कि लोहारी राघो के शिक्षित लोगों की सोच आखिर क्या है? क्या यह शिक्षित गाँव किसी नशेड़ी, सुल्फेड़ी के हाथ गाँव की चौधर सौंपेगा या फिर किसी पंचायती जमीन व जोहड़ कब्जाने वालों को या फिर किसी स्वच्छ, साफ, नेक व इमानदार व नशों-बुराइयों से कोसों दूर रहने वाले किसी उम्मीदवार को। लोहारी राघो के शिक्षितों की असल सोच क्या है, इसका पता 25 नवंबर शाम तक पूरी दुनिया को चल जाएगा।


सावधान लोहारी राघो ! नई पंचायतों में किसी भी नेता के वर्कर व करीबि को न चुनें पंच-सरपंच वरना ...

अब यदि आप चाहते हैं कि भविष्य में आपके गाँव में भ्रष्टाचार पर लगाम लगे तो आप सबसे पहले नेताओं के किसी भी वर्कर, करीबि या फिर उनके परिजन, रिश्तेदार, चेले-चापलूस को अपनी पंचायत में किसी भी पद पर न चुनें। यदि किसी भी नेता का करीबि, परिजन, रिश्तेदार पंचायत में चुना जाता है तो वह चुनाव उपरांत डंके की चोट पर भ्रष्टाचार करेगा। वह यदि आपके गाँव के विकास के लिए आया सौ में सौ फीसद पैसा भी अपने निजी हित में डकार जाएगा तो भी आप उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे क्योंकि वह किसी नेता का परिजन, करीबि, चेला-चापलूस है। पहली बात तो आपकी शिकायत ही दर्ज नहीं हो पाएगी अगर दो-चार महीने की भागदौड़ के बाद हो भी गई तो साल-दो साल जांच के नाम पर आपको मानसिक तौर पर परेशान किया जाएगा ताकि आप तंग होकर मामले से किनारा कर लें। मान लिया आप जिद्द पर अड़कर भ्रष्टाचारियों को सजा दिलवाने में डटे भी रहे तो भी आप उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे क्योंकि उनके आका नेता जी अपने खासमखास का नुकसान भला कैसे होने दे सकते हैं। भ्रष्टाचारियों पर नेता जी का खुल्लम खुला आशीर्वाद जो है। इसलिए चुनाव के बाद पछताने से अच्छा है, पहले ही ऐसे लोगों की पहचान कर लें तथा अन्य ग्रामीणों को भी ऐसे लोगों के बारे में बताएं। हम दावे से कह रहे हैं कि नेताओं के करीबि जमकर भ्रष्टाचार करेंगे और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। हमारे पास कई गाँवों की पंचायतों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के कई ऐसे मामले हैं जिन्हें नेताओं ने अपने राजनीतिक रसूख की बदौलत रफा-दफा कर लाखों का गबन करने वाले भ्रष्ट पंचायतियों को कानून के शिकंजे से बचाया है। ऐसे नेताओं की मानसिकता पर भी सवाल खड़े होते हैं कि आखिर वे भ्रष्टाचारियों को बचाकर समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं? पंचायती गबन को दबाने वाले ये नेता हरियाणा की उसी सत्ताधारी पार्टियों से ताल्लुक रखते हैं जो प्रदेश में भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा करती हैं।

मोहरे उम्मीदवारों को भी दिखाएं बाहर का रास्ता

लोहारी राघो में भी सरपंच पद के लिए कई अच्छे-बुरे उम्मीद्वार मैदान में हैं जिनमें से कुछ पूर्व पंचायती हैं तो कोई उनके परिवार, रिशतेदार व करीबि। और कुछ ऐसे भी उम्मीद्वार मैदान में हैं जो पूर्व पंचायती (खासकर मनरेगा मंडली वाले )या फिर अलग-अलग नेताओं के बेहद करीबि या फिर नेताओं के इनहीं दलाल एजेटों के मोहरे हैं जो लोहारी को पिछले कई सालों से खराब करते आ रहे हैं। ऐसे सभी उम्मीदवारों को आपने अगले 24 घंटों में  पहचानना है तथा दूसरों को भी उनके बारे में बताना है। नेताओं के ये करीबि किस प्रकार से अपनी पहुंच का गलत फायदा उठाकर पंचायती फंड में लूट मचाते हैं, उसके लिए लोहारी मनरेगा घोटाले से बडा कोई उदाहरण नहीं है। हमारे गांव मुय गुंडागर्दी ही नेताओं के करीबियों ने मचाई हुई है जो शुरू से ही गलत,अनैतिक व भ्रष्टाचारियों का साथ देते आ रहे हैं। इसलिए आप सभी मतदाताओं से निवेदन है, अभी भी कुछ नहीं बिगडा है, लोहारी को ऐसे लोगों के हाथों में मत जाने दीजिए। जल्दी से पहचान लें कौन सरपंच उम्मीद्वार किस नेता का या उसके किसी वर्कर का मोहरा है। ऐसे कैंडीडेट को बिल्कुल भी वोट न दें जो उन नेताओं से ताल्लुक रखते हैं जिनहोंने लोहारी में गरीब मजदूरों का हक डकारने की खुली छूट दी हुई थी। वैसे हमारे गांव का रिवाज तो यह है कि यहां चाहे जितने मर्जी भ्रष्टाचार, गलत काम होते रहें , किसी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। चाहे हमारे पंचायती गाँव के हिस्से का 100 में से 100 फीसद पैसा भी अपने घर, आंगन, पशुओं के बाड़े या खेतों में लगा जाएं या चेले-चपाटों, रिश्तेदारों को बांट जाएं किसी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।  मनरेगा घोटाले की बात हो या सरकारी ब्लॉक अपने घरों, आंगन में लगाने वाले पंचायतियों की बात, इस गाँव के लोगों ने सब कुछ देखते-जानते हुए भी जो मौन व्रत धारण किया हुआ है, वह भविष्य में लोहारी राघो के लिए बेहद खतरनाक साबित होने वाला है। क्योंकि यहां के पंचायतियों को यह आभास हो चुका है कि इस गाँव में जो मर्जी गुंडागर्दी कर लो, जो मर्जी पंचायती फंड में लूट मचा लो, जितना मर्जी घरों, आंगन में सरकारी ब्लॉक लगा लो, जितना मर्जी सरकारी योजनाओं में अपने परिवार, रिश्तेदारों, चेले-चपाटों में बंदरबांट कर लो, इस गाँव में कोई चूं-चा नहीं करेगा। लोहारी राघो में कितने ही पूर्व पंचायतियों पंच,सरपंच व नंबरदारों ने गाँव की पंचायती सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करके उन पर अपने मकान खड़े कर लिए हैं। कितने ही पंचायतियों के घरों, आंगन में सरकारी ब्लॉक लगे हैं। लेकिन 8 हजार की आबादी वाले इस गाँव में सभी धृतराष्टÑ बने हुए हैं। इस गाँव की यही कमजोरी इन पंचायतियों के हाथ लग चुकी है। अब फिर लोहारी राघो पंचायत चुनाव में 12 सरपंच उम्मीदवार और 33 पंच उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें से कई मोहरे भी हैं। इस बार कई ऐसे चेहरे भी चुनाव मैदान में हैं जो पूर्व पंचायती हैं या फिर उनके परिजन और रिश्तेदार। वे पहले भी पंचायती फंड में बड़ा गोलमाल कर चुके हैं। इनमें से कई सरपंच उम्मीदवारों के घर जो कि पूर्व पंचायती भी हैं, के घरों आंगन में आज भी पंचायती ब्लॉक लगे हैं और और वे पहले भी मनरेगा जैसे घोटाले में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर घोटालेबाजों के साथ खड़े रहे हैं। और कई ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिन्होंने लोहारी राघो को नशे का अड्डा बनवाने में पूरा आशीर्वाद दिया है। आज भी कई उम्मीदवार सरेआम पिछले एक माह से दारु का दरिया बहा रहे हैं। पंची-सरपंची, जिला पार्षद, व ब्लॉक समित के लिए अंधे हो चुके इन चंद उम्मीदवारों ने गाँव में मुफ्त में दारु का दरिया बहाकर सैकड़ों ग्रामीणोंं को शराबी बना डाला है। अब ऐसे लोगों की मंशा को समझने की जरुरत है। आखिर ये लोग लाखों रुपए की शराब क्यों बांट रहे हैं। ये क्या चाहते हैं। चुनाव जितने के बाद ये सरपंच, पंच, जिला पार्षद 100 में से 100 फीसद सरकारी फंड अपने निजी हित में इस्तेमाल करेंगे, वरना दारु का पैसा पूरा कहां से होगा। इसलिए हे नौजवान साथियों! ऐसे उम्मीदवारों को पहचान लिजिए जो सरेआम दारु पिलाकर ग्रामीणों को दारुबाज बना रहे हैं। इन उम्मीदवारों पर आखिर किन नेताओं का हाथ है, ऐसे नेताओं को भी गाँव में घुसने पर प्रतिबंध लगाए जिनहोंने इन्हें दारु पिलाने की खुली छूट दी हुई है। और सबसे बड़ी बात ये जिन नेताओं के दलाल हैं, चुनाव जितने के बाद उन्हीं नेताओं के आशर्वीाद से सरारी फंड में घोटाले करेंगे और वही नेता इन भ्रष्टाचारियों को क्लीन चिट भी दिलवाएंगे क्योंकि हिस्सा कमीशन पहले ंही तय कर लिया जाता है। मनरेगा घोटाला आप सबके सामने है। सबकों पता है घोटाला हुआ था और उन घोटालेबाजों को बचाने वाले नेता कौन थे और नेताओं के पास गाँव के कौन उनके वर्कर व पिट्ठू चक्कर काट रहे थे। इसलिए साथियों बचा लिजिए लोहारी को। यदि आप इनकी दारु पी रहे ह ैं या आपका कोई चाचा, ताऊ, यार रिश्तेदार पी रहा है तो उन्हें रोकिए। और इन दारु पिलाने वालों की वीडियो बनवाईए और पर्याप्त सबूतों के साथ शिकायत कीजिए। सबसे बड़ी बात पूर्व पंचायतियों को पहचानें जो दोबारा से इस चुनाव में खड़े हुए हैं। उनसे पूछिए कि पहले कोई कसर बाकी है क्या या दोबारा से मनरेगा जैसा घोटाला करवाने की तैयारी है या फिर अपने घरों, खेतों में सरकारी फंड लगाने में अभी कोई कसर रह गई है। पूर्व पंचायती जो मनरेगा घोटाले में किसी भी तरीके से शामिल थे या घोटाला करने में या घोटालेबाजों को बचाने में, ऐसे पूर्व पंचायतियों को इस चुनाव में एक भी वोट न दें और अन्य को भी ऐसे लोगों को वोट देने से रोकें। आप खुद समझदार हैं, ये लोग पंचायत में हिस्सेदारी आखिर क्यों चाहते हैं। ऐसा क्या है पंचायत में....। इनका मकसद क्या है। इनके घरों, खेतों, पशुओं के बाड़ों को चैक कीजिए कि इनहोंने कहाँ आपके गाँव के हक का पैसा लूटकर अपने निजी हित में लगाया है। ये बातें हवा में नहीं कही जा रही, कई पूर्व पंचायतियों पर इस तरह के आरोप लग रहे हैं और वे ये सब घोटाले कर चुके हैं।। सरकारी ब्लॉक तो आज भी आधे पूर्व पंचायतियों व नंबरदारों के घरों में लगे हुए हैं।
सभी युवा साथियों से निवेदन उपरोक्त सभी प्रकार के उम्मीदवारों को पहचान लिजिए। अगले 24 घंटे हमारे गाँव के आगामी 100 साल की बुनियाद रखने वाले होंगे। इसलिए खुद भी जागिए औरों को भी जगाईए।  पूर्व भ्रष्टाचारी पंचायतियों को पहचानिए, दारु पिलाने वालों को पहचानिए जो एक माह से दारु का लंगर चला रहे हैं। ऐसे लोगों को तो गाँव से बाहर निकाल फेंकना चाहिए जो दारु का लंगर चलाकर गाँव को बर्बाद कर रहे हैं। जातिवाद के चक्कर में न पड़कर सही व योग्य ईमानदार उम्मीदवार को चुनिए। इस चुनाव में पूर्व पंचायतियों व मनरेगा भ्रष्ष्टाचारियों द्वारा कुछ मोहरों को भी चुनाव में उतारा गया है। ऐसे मोहरे उम्मीदवारों को पहचानकर उन्हें बाहर निकाल फेंकने में ही गांव की भलाई है। वरना सरपंच वो मोहरा होगा लेकिन सरपंची करेंगे वही मनरेगा घोटालेबाज या पूर्व की पंचायतों में मलाई डकार चुके कथित भ्रष्टाचारी।


सभी वोटर ध्यान दें : सरपंच उम्मीद्वारों के सामने जरुर रखें लोहारी राघो की सबसे बडी ये समस्याएं

 गाँव वालों से निवेदन वोट मांगने वालों से इस बार इन मुद्दों पर जवाब-तलब जरुर करें, जो इन सवालों से बचता या भागता नजर आए, समझो वो उम्मीद्वार गड़बड़ है, उसे बिल्कुल भी वोट न दें
 
1.गांव में नशाखोरी को बढावा दे रहे नशे के सौदागरों की तसल्लीबख्श कमर तोडी जाए। सबसे पहला यही काम होना चाहिए लोहारी में।

2. पंचायती जमीन जोहड़ों से अवैध कब्जे हटवाना
3. मनरेगा घोटाले की रिकवरी
4. ग्राम सचिवालय का निर्माण, उप तहसील घोषित हो
5. जिन पंचायतियों के घरों, आंगन, पशुओं के बाड़े, खेतों में सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया है, उनके खिलाफ एक्शन
6. गाँव से नशाखोरी खत्म करके गाँव में कोई खेल स्टेडियम का निर्माण हो। बेहत्तर खेल सुविधाएं मिले।
7. गाँव के सार्वजनिक स्थानों, मुख्य मार्गों, जोहड़ों-ड्रेनों की सफाई
8. हर्बल पार्क और लाईबे्ररी जो गाँव को मिली हुई है कितने सालों से लेकिन इन पर काम शुरू नहीं हुआ है
9. पीएचसी का निर्माण जल्द शुरू हो
10. पुलिस चौकी का निर्माण
11 गाँव में कोई उच्च शिक्षण संस्थान हो, सरकारी स्क्ूल में सार्इंस, कोमर्स की कक्षांएं शुरू हों
12. एक सबसे अहम एक निगरानी कमेटी बनाई जाए जो आने वाली पंचायत के हर काम पर पूरी नजर रखे

 बाकि कोई और बात जो आपकी नजर में हो, उसे भी रख सकते हो।

 
विनम्र अपील : वोट देने से पहले इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश कीजिए, गांवहित में अपने जमीर को जगाईए

1. क्या मनरेगा में पंच ,सरपंचों, मेटों द्वारा गरीब मजदूरों का हक डकारकर लाखों रुपए की लूट म चाई गई थी या नहीं ? जिन रसूखदारों के मनरेगा के फर्जी जॉब कार्ड बनाकर बिना काम किए फर्जी हाजिरी लगाकर उनके खातों में लाखों रुपए डाले गए, क्या वह जायज था।
2. मनरेगा की इस खुली लूट में शामिल डकैत किन पंच-सरपंचों के परिजन, करीबि व चापलूस थे व उन पर किन नेताओं का हाथ था और किन लोगों ने इन्हें बचाया?
3. मनरेगा घोटाला 20 लाख रुपए से अधिक का था जिसमें से महज 6 लाख का घोटाला पकड़ में आया ? क्या उन 6 लाख रुपयों की आज तक रिकवरी हुई अगर नहीं तो क्यों नहीं ?
4. किन-किन वर्तमान पंचायतियों, नंबरदारों, पूर्व पंचायतियों, नेताओं के करीबियों व रसूखदारों इनके चेले-चपाटों, चापलूसों के घर,आंगन, पशुओं के बाड़े व खेतों में सरकारी /पंचायती फंड का दुरुपयोेग कर रेवड़ियां बांटी गई हैं।
5. किन-किन वर्तमान पंचायतियों, नंबरदारों, पूर्व पंचायतियों, नेताओं के करीबियों व रसूखदारों इनके चेले-चपाटों, चापलूसों के घर,आंगन, पशुओं के बाड़े व खेतों में सरकारी ब्लॉक लगे हैं।
6. किन-किन वर्तमान पंचायतियों, नंबरदारों, पूर्व पंचायतियों, नेताओं के करीबियों व रसूखदारों ने पंचायती/ शमलाती जमीन व जोहड़ों पर अवैध कब्जे किए हुए हैं। इन अवैध कब्जाधारकों को शह कहाँ से मिल रही है? आखिर ये लोग किन नेताओं के करीबि हैं।
7. वे कौन पूर्व पंचायती हैं जो हर बार की पंचायत में किसी न किसी तरीके से अपना दखल रखते हैं। वे या तो किसी पंच-सरपंच से नजदीकी बनाकर या फिर गाँव की किसी कमेटी/ट्रस्ट के कर्ता-धर्ता बने मिलेंगे या फिर पंचायत से सरकारी मलाई खाने का कोई न कोई जुगाड़ इनके पास जरुर मिलेगा।

 जिस दिन आप उपरोक्त सवालों के जवाब खोज लेंगे, हमारे गाँव को विकसित गाँव बनने से कोई नहीं रोक सकता।

यह भी पढ़ें...

जानें क्या है रोघी खाप का इतिहास : लोहारी राघो के इस ऐतिहासिक पीपल के नीचे होता था 24 गाँवों की महापंचायत का आयोजन, लिए जाते थे सांझे फैसले, यहीं था सैकड़ों साल पुराना ऐतिहासिक रोघी खाप चबुतरा 

History of Lohari Ragho : पहली बार पढ़ें पहली मानव सभ्यता के अवशेषों पर आबाद हड़प्पाकालीन ऐतिहासिक गाँव लोहारी राघो का संपूर्ण इतिहास  

 4 हजार साल से भी पुराना है लोहारी राघो का इतिहास, पढ़ें गाँव लोहारी राघो की संपूर्ण कहानी, इतिहास भाग-1

 
 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

लोहारी राघो Exclusive : ये हैं लोहारी राघो में आजाद हिन्दुस्तान के सबसे पहले नंबरदार, सरपंच से भी बढ़कर थी इनकी पॉवर, जानें कौन थे ये शख्स, पढ़ें लोहारी राघो की सबसे खास शख्सिहत की पूरी कहानी  

लोहारी राघो Exclusive : ये हैं लोहारी राघो के सबसे पहले सरपंच, 1952 में विनोद भ्याना के दादा रामलाल भ्याना को हराकर हासिल की थी सरपंच की कुर्सी, पढ़ें पहले पंचायत चुनाव की रोचक कहानी

पंचायत चुनाव स्पेशल : जानें लोहारी राघो की पहली महिला सरपंच के बारे में जिन्होंने घर और खेत के साथ-साथ बखूबी संभाली थी ग्राम पंचायत की कमान, पढ़ें दिलचस्प व यादगार कहानी

जानें पिछले 70 साल में 1952 से लेकर 2022 तक लोहारी राघो पर रहा किस-किस सरपंच का राज, यहाँ देखें पूरी लिस्ट 

इनसे मिलिए ये हैं लोहारी राघो के ‘मिथुन’, सोशल मीडिया पर धूम मचा रहे इस स्टार गायक के वीडियो

कभी दिल्ली तक मशहूर थी लोहारी राघो की रामलीला, पढ़ें लोहारी राघो रामलीला की रोचक व अनसुनी कहानी

लोहारी राघो रामलीला की सबसे पुरानी व दुर्लभ तस्वीर देख हैरान रह जाएंगे आप, वर्ष 1950 में रामलीला के दौरान ली गई थी यह तस्वीर

 रामलीला SPECIAL : रावण के किरदार ने दिलाई थी विधायक विनोद भ्याना को खासी पहचान, दमदार अभिनय व धमाकेदार अंदाज के आज भी कायल हैं दर्शक

ऐतिहासिक : जब रावण के किरदार में नजर आए थे विधायक विनोद भ्याना, पढ़ें लोहारी राघो रामलीला की यादगार कहानी 

 दशहरा स्पेशल : यही हैं लोहारी राघो रामलीला के असली ‘रावण’ जिनकी एक गर्जना से गूंज उठता था पंडाल

 रामलीला : इस महान कलाकार ने लोहारी राघो की पहली रामलीला में भी निभाया था किरदार, सम्मान पाकर छलक आए खुशी के आंसू

कभी लोहारी राघो की शान थी कृष्ण लीला मंचन, 40 साल तक चली भव्य कृष्ण लीलाएं, जन्माष्टमी स्पेशल में पहली बार देखें लोहारी राघो कृष्ण लीला ड्रामा की दुर्लभ तस्वीरें

 

ऐतिहासिक गाँव लोहारी राघो का इतिहास, ताजा समाचार पढ़ने या लोहारी राघो से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए अभी लोगिन करें 

 https://lohariraghonews.blogspot.com/

लोहारी राघो के यू-ट्यूब चैनल को ज्यादा से ज्यादा सब्सक्राईब करें  

https://www.youtube.com/channel/UChspBOwRmHW4ZGL3Px0rBeg

लोहारी राघो के फेसबुक ग्रुप को ज्वाईन करें  

https://www.facebook.com/groups/lohariragho

 लोहारी राघो को इंस्टाग्राम पर फोलो करें 

https://www.instagram.com/lohariragho/

लोहारी राघो को ट्वीटर पर फोलो करें

https://twitter.com/LohariRagho

लोहारी राघो को 
pinterest पर फोलो करें

https://in.pinterest.com/lohariragho/_saved/

लोहारी राघो के whatsapp ग्रुप में जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/KZgDG5UKNuB5Ke24EdeZnj

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Body

Sandeep Kamboj

Sandeep Kamboj

"मैं संदीप कंबोज, लोहारी राघो की मिट्टी का एक छोटा सा अंश हूँ। मेरा उद्देश्य पत्रकारिता और ब्लॉगिंग के माध्यम से हरियाणा की समृद्ध विरासत, विशेषकर हड़प्पा कालीन इतिहास को जीवंत रखना है। मेरा मानना है कि हमारी जड़ें जितनी गहरी होंगी, भविष्य का वृक्ष उतना ही विशाल होगा। इस वेबसाइट के माध्यम से मैं आपको अपने गाँव के इतिहास, संस्कृति और आधुनिक बदलावों की यात्रा पर ले जाना चाहता हूँ।"

Hollywood Movies

🔔 खबरदार भारत

ब्रेकिंग न्यूज़ और एक्सक्लूसिव खबरों के लिए Notifications Allow करें



अभी नहीं