Type Here to Get Search Results !

लोहारी राघो TV

LIVE
Lohari Top
लोहारी राघो में फिर उठी मनरेगा घोटाले की सड़ांध, सुर्खियों में आया लोहारी राघो मनरेगा घोटाला पार्ट-2 ! गरीब मजदूर बेरोजगार, घोटालेबाज मालामाल, लोहारी राघो मनरेगा की काली कहानी राजनीति के जाम में फंसी राखीगढ़ी तक जाने वाली सड़क, सीएम घोषणा वाला हिसार-जींद हाईवे प्रोजेक्ट 11 साल बाद रद्द लोहारी राघो के विकास पुरुष नंद किशोर चावला की 35 साल की संघर्ष गाथा, जिन्होंने राजनीति और सिस्टम से लड़कर गाँव का विकास कराया,एक आम नागरिक बनाम पूरे सिस्टम की कहानी

लाइव अपडेट

  • लोहारी राघो Today
  • लोहारी राघो History
  • Gadar Of लोहारी राघो
  • लोहारी राघो Exclusive
  • लोहारी राघो Analysis
  • लोहारी राघो मनरेगा घोटाला पार्ट-2 !
  • लोहारी राघो Crime
  • लोहारी राघो Special
  • लोहारी राघो Sports
  • लोहारी राघो Gram Panchayt
  • लोहारी राघो Ramlila
  • लोहारी राघो Upcoming Events
संदीप कंबोज
BREAKING
Welcome to Harappa Village लोहारी राघो इतिहास की मिट्टी से लेकर विकास, संस्कृति और एकता का संगम खबरें, विकास और हमारी पहचान अब एक ही मंच पर जो छुपाया जा रहा है वही हम दिखाएंगे हम किसी पार्टी या नेता के गुलाम नहीं हम सिर्फ सत्य और संविधान के साथ

Lohari Ragho News

Welcome to Harappa Village Lohari Ragho : इतिहास की मिट्टी से लेकर विकास, संस्कृति और एकता का संगम। देखें गाँव लोहरी राघो की आधिकारिक वेबसाइट — खबरें, विकास और हमारी पहचान अब एक ही मंच पर

महासंग्राम लोहारी राघो : हार कर भी जीत गए रमेश कम्बोज नम्बरदार, इनके जादुई तिलिस्म ने पलट डाला पूरे चुनाव का पासा, बड़े-बड़े राजनीतिक खिलाड़ी भी खा गए मात, जानें कौन हैं यह रमेश कम्बोज नम्बरदार

  •  रमेश कम्बोज नम्बरदार के घर खूब मनाया गया जश्न, बजे ढ़ोल नगाड़े, पटाखे
  • चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद सबसे पहले रमेश कम्बोज से आशीर्वाद लेने पहुंचे नवनियुक्त सरपंच सोनू सरोहा


संदीप कम्बोज

लोहारी राघो। यह बात पूरी तरह से सच है कि राजनीति चालाक लोगों का खेल है लेकिन राजनीति में अगर थोड़ी सी भी चूक हो जाए तो बड़े से बड़े महारथी भी गच्चा खाकर चारों खाने चित हो जाते हैं और अगर इसमें थोड़ी सूझ-बूझ से काम लिया जाए तो बड़ी से बड़ी जंग को भी फतेह कर लिया जाता है। (Ramesh-Kamboj-Nambardar-turned-out-to-be-a-staunch-player-of-Lohari-Ragho-politics) कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है लोहारी राघो पंचायत चुनाव महासंग्राम का पूरा का पूरा पासा पलटने वाले सबसे अहम उम्मीदवार रमेश कम्बोज नम्बरदार ने। लोहारी राघो सरपंच चुनाव की जंग में 49 वोट हासिल कर पराजय का सामना करने के उपरांत भी रमेश कम्बोज नम्बरदार इस जंग को जीत गए हैं। इस बार के पंचायत चुनाव में लोहारी राघो की राजनीति में उथल-पुथल मचाने वाले यही इकलौते उम्मीदवार हैं जिन्होंने ऐसा करिश्मा कर दिखाया है कि अपने आप को राजनीति का धुरंधर समझने वालों की भी अकल ठिकाने लग चुकी है। रमेश कम्बोज नम्बरदार ने अपनी सच्चाई, ईमानदारी व अटल इरादों के जादूई तिलिस्म से पूरी तरह से आभास करवा दिया है कि कोई अपने आप को राजनीति का शहंशाह समझने की भूल कदापि न करें। आप शेर हैं तो क्या हुआ कोई सवाशेर भी बैठा हो सकता हैै। रमेश कम्बोज नंबरदार को इस बार के चुनाव का सबसे अहम किरदार कहा जाए तो कोई अतिशेक्ति नहीं होगी।
पूरे चुनाव के दौरान प्रारंभ से लेकर अंत तक रमेश कम्बोज अपने इरादे पर पूरी तरह से अटल रहे। चुनाव में
रमेश कम्बोज पर दूसरे उम्मीदवारों को समर्थन देने के लाख दबाव डाले गए। चुनाव से पीछे हटने के बदले में लाखों रुपए के प्रलोभन को भी उन्होंने लात मारकर ठुकरा डाला और दिखा दिया कि इंसान के पास अपने जमीर से बढ़कर कुछ नहीं होता। भले ही दूसरे उम्मीदवारों ने चंद रुपयों की खातिर अपने जमीर को बेचकर ईमान का सौदा कर लिया हो लेकिन रमेश कम्बोज सच्चाई व ईमानदारी की डगर पर चुनावी जंग के अंतिम क्षणों तक कायम रहे। दूसरे उम्मीदवार व उनके समर्थकों द्वारा बिछाया गया खरीद-फरोख्त का जाल भी उन्हें फांस नहीं पाया और उन्हें मुंह की खानी पड़ी। अब यदि रमेश कम्बोज नम्बरदार दूसरे उम्मीदवार द्वारा बिछाए गए लालच के जाल में फंस जाते तो आज इस चुनाव का परिणाम कुछ ओर होता। विजय घोष सोनू सरोहा के घर नहीं कहीं और सुनाई दे रहे होते। इस बात को पूरा गाँव अच्छी तरह से समझ चुका है। रमेश कम्बोज नम्बरदार के हौंसले को सलाम जिन्होंने सच्चाई व ईमानदारी का साथ देकर एक सच्चे ग्रामीण होने का फर्ज अदा किया। भविष्य में जब भी लोहारी राघो पंचायत चुनाव की चर्चा होगी तो रमेश कम्बोज नम्बरदार के नाम का जिक्र अवश्य होगा क्योंकि ऐसे ठोस व अटल इरादों वाले उम्मीदवार आजकल ढूंढ़ने से भी कहीं नहीं मिलेंगे जिनके जमीर को कोई खरीद सके। लोहारी राघो के विकास के सफर में उनके इस अमूल्य सहयोग को हमेशा याद किया जाता रहेगा क्योंकि अपने स्वाभिमान के अलावा इंसान के पास और कोई बड़ी पूंजी नहीं होती। आज रमेश कम्बोज नम्बरदार वास्तव में स्वाभिमान की जीती जागती मिसाल हैं। और यह मिसाल भविष्य में आने वाले पंचायत चुनावों में भी हर बार दी जाएगी कि लोहारी राघो में कोई महारथी था जिसने सच्चाई के रथ पर सवार होने के लिए गलत मंसूबों वालों के लाख प्रलोभनों को ठोकर मार दी थी। 

जानें कौन हैं यह रमेश कम्बोज नम्बरदार और क्या है उनका राजनीतिक अनुभव
मूल रुप से गाँव लोहारी राघो निवासी गहला राम कम्बोज के घर वर्ष 1958 में जन्मे रमेश कम्बोज नम्बरदार आठ भाई-बहनों में पाचवें पर हैं। वर्ष 1976 में 10+2 परीक्षा उतीर्ण करने के उपरांत खेती के साथ-साथ अपना बिजनेस भी शुरु किया। वर्ष 1996 में गाँव लोहारी राघो के नम्बरदार चुने गए तथा पिछले 26 सालों से गाँव लोहारी राघो की जी जान से सेवा करते आ रहे हैं। रमेश कम्बोज नम्बरदार कोई राजनेता नहीं है। 64 साल की उम्र में यह पहली बार है जब उन्होंने कोई चुनाव लड़ा है। हालांकि रमेश कम्बोज नम्बरदार की मानें तो उनकी चुनाव लड़ने की कोई मंशा नहीं थी। गाँव के ही कुछ साथी नंबरदारों ने उन्हें बार-बार सरपंच पद का चुनाव लड़ने के लिए कहा तो वे उनकी बात मानने को तैयार हो गए। उनके कहने पर ही सरपंच पद का नामांकन दाखिल किया लेकिन चुनाव करीब आते ही नामांकन फार्म भरवाने वाले लोग उनसे किनारा कर गए। चुनाव से पूर्व रात उनहें सैकड़ों बार फोन करके दूसरे उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए दबाव डाला गया। प्रलोभन तक दिए गए लेकिन वे अपने इरादों पर अटल रहे। यह रमेश कम्बोज की राजनीतिक सूझ-बूझ का ही परिणाम है जो इस चुनाव का पासा पूरी तरह से पलट गया है।

लोहारी राघो। रमेश कम्बोज नम्बरदार के परिवार के साथ नवनिर्वाचित सरपंच सोनू सरोहा।

जीत के बाद चुनाव मैदान से सीधे रमेश नंबरदार के घर आशीर्वाद लेने पहुंचे नवनिर्वाचित सरपंच सोनू सरोहा
शुक्रवार शाम सरकारी स्कूल में जैसे ही चुनाव नतीजों की घोषणा हुई और सोनू सरोहा की जीत का ऐलान हुआ तो समर्थकों द्वारा जमकर जश्न मनाया गया। खूब पटाखे फोड़े गए, आतिशबाजी हुई। रमेश कम्बोज नंबरदार के घर भी जश्न का माहौल था। यहां भी लड्डू बांटे जा रहे थे और आसमां पटाखों से गूंज रहा था। ग्रामीण यह देखकर हैरान थे कि एक हारे हुए उम्मीदवार के घर आखिर पटाखे क्यों फूट रहे हैं लेकिन यह जश्न सत्य की जीत का था। सोनू सरोहा जीत के बाद अपने हजारों समर्थकों के साथ सीधे सबसे पहले रमेश कम्बोज नम्बरदार के घर पहुंचे तथा आशीर्वाद लिया। देर रात तक यह जीत का जश्न चलता रहा।

 

आज प्रात: भी सबसे पहले सैकड़ों समर्थकों संग रमेश नंबरदार के घर पहुंचे सोनू, रमेश ने अपने समर्थकों संग किया जोरदार स्वागत

नवनिर्वाचित सरपंच सोनू सरोहा ने जीत के बाद आज सुबह धन्यवादी दौरे की शुरूआत की। इस दौरान सरपंच सोनू सरोहा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सबसे पहले नंबरदार रमेश कम्बोज के घर पहुंचे। इस दौरान रमेश कम्बोज नम्बरदार ने अपने समर्थकों सहित सरपंच सोनू सरोहा का जोरदार स्वागत किया तथा उन्हें गाँव के विकास के लिए हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सरपंच सोनू सरोहा ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि इस चुनाव में सच्चाई, ईमानदारी, भाईचारे व पूरे गाँव की जीत हुई है। उन्होंने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि वे गाँव की सेवा में पूरी ताकत झोंक देंगे और लोहारी राघो को देश के नक्शे पर चमकाएंगे। इस दौरान रमेश नंबरदार ने सोनू सरोहा को 11 हजार रुपए की माला पहनाकर उनहें अपना आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर हरीकृष्ण कम्बोज, सुभाष चराया उर्फ सीटी, राहुल कम्बोज, हिमांशु चराया, सतनाम कम्बोज, आत्म कम्बोज, राजकुमार भट्टी, डॉकटर अजमेर, नंबरदार मांगेराम समेत सैकड़ों समर्थक व ग्रामीण मौजूद रहे। 



यह भी पढ़ें...

History of Lohari Ragho : पहली बार पढ़ें पहली मानव सभ्यता के अवशेषों पर आबाद हड़प्पाकालीन ऐतिहासिक गाँव लोहारी राघो का संपूर्ण इतिहास  

जानें क्या है रोघी खाप का इतिहास : लोहारी राघो के इस ऐतिहासिक पीपल के नीचे होता था 24 गाँवों की महापंचायत का आयोजन, लिए जाते थे सांझे फैसले, यहीं था सैकड़ों साल पुराना ऐतिहासिक रोघी खाप चबुतरा 

  आजाद हिंद फौज में क्या थी ऐतिहासिक गाँव लोहारी राघो की हिस्सेदारी, जानें लोहारी राघो से कौन थे नेता जी सुभाष चंद्र बोस के साथी ?

 लोहारी राघो के मुसलमानों का इतना खौफ कि अंग्रेजों को यहाँ खोलनी पड़ी थी पुलिस चौकी, 75 साल बाद फिर उठी लोहारी राघो में पुलिस चौकी खोलने की मांग  

ब्रिटिश पुलिस में था लोहारी राघो का यह बहादुर जाबांज,अंग्रेज पुलिस अफसर की धुनाई कर छोड़ दी थी नौकरी, पढ़ें बहादुरी का रोचक किस्सा  

 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम : लोहारी राघो पर कब्जा नहीं कर पाए थे अंग्रेज, रांगड़ व लुहार मुसलमानों ने गाँव के बाहर से ही खदेड़ डाली थी ब्रिटिश सेना

  जानें किसके नाम पर हुआ ऐतिहासिक गाँव ‘लोहारी राघो’ का नामकरण, पढ़ें दिलचस्प कहानी

4 हजार साल से भी पुराना है लोहारी राघो का इतिहास, पढ़ें गाँव लोहारी राघो की संपूर्ण कहानी, इतिहास भाग-1

 
 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

लोहारी राघो Exclusive : ये हैं लोहारी राघो में आजाद हिन्दुस्तान के सबसे पहले नंबरदार, सरपंच से भी बढ़कर थी इनकी पॉवर, जानें कौन थे ये शख्स, पढ़ें लोहारी राघो की सबसे खास शख्सिहत की पूरी कहानी  

लोहारी राघो Exclusive : ये हैं लोहारी राघो के सबसे पहले सरपंच, 1952 में विनोद भ्याना के दादा रामलाल भ्याना को हराकर हासिल की थी सरपंच की कुर्सी, पढ़ें पहले पंचायत चुनाव की रोचक कहानी

पंचायत चुनाव स्पेशल : जानें लोहारी राघो की पहली महिला सरपंच के बारे में जिन्होंने घर और खेत के साथ-साथ बखूबी संभाली थी ग्राम पंचायत की कमान, पढ़ें दिलचस्प व यादगार कहानी

जानें पिछले 70 साल में 1952 से लेकर 2022 तक लोहारी राघो पर रहा किस-किस सरपंच का राज, यहाँ देखें पूरी लिस्ट 

इनसे मिलिए ये हैं लोहारी राघो के ‘मिथुन’, सोशल मीडिया पर धूम मचा रहे इस स्टार गायक के वीडियो

कभी दिल्ली तक मशहूर थी लोहारी राघो की रामलीला, पढ़ें लोहारी राघो रामलीला की रोचक व अनसुनी कहानी

लोहारी राघो रामलीला की सबसे पुरानी व दुर्लभ तस्वीर देख हैरान रह जाएंगे आप, वर्ष 1950 में रामलीला के दौरान ली गई थी यह तस्वीर

 रामलीला SPECIAL : रावण के किरदार ने दिलाई थी विधायक विनोद भ्याना को खासी पहचान, दमदार अभिनय व धमाकेदार अंदाज के आज भी कायल हैं दर्शक

ऐतिहासिक : जब रावण के किरदार में नजर आए थे विधायक विनोद भ्याना, पढ़ें लोहारी राघो रामलीला की यादगार कहानी 

 दशहरा स्पेशल : यही हैं लोहारी राघो रामलीला के असली ‘रावण’ जिनकी एक गर्जना से गूंज उठता था पंडाल

 रामलीला : इस महान कलाकार ने लोहारी राघो की पहली रामलीला में भी निभाया था किरदार, सम्मान पाकर छलक आए खुशी के आंसू

कभी लोहारी राघो की शान थी कृष्ण लीला मंचन, 40 साल तक चली भव्य कृष्ण लीलाएं, जन्माष्टमी स्पेशल में पहली बार देखें लोहारी राघो कृष्ण लीला ड्रामा की दुर्लभ तस्वीरें

 

ऐतिहासिक गाँव लोहारी राघो का इतिहास, ताजा समाचार पढ़ने या लोहारी राघो से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए अभी लोगिन करें 

 https://lohariraghonews.blogspot.com/

लोहारी राघो के यू-ट्यूब चैनल को ज्यादा से ज्यादा सब्सक्राईब करें  

https://www.youtube.com/channel/UChspBOwRmHW4ZGL3Px0rBeg

लोहारी राघो के फेसबुक ग्रुप को ज्वाईन करें  

https://www.facebook.com/groups/lohariragho

 लोहारी राघो को इंस्टाग्राम पर फोलो करें 

https://www.instagram.com/lohariragho/

लोहारी राघो को ट्वीटर पर फोलो करें

https://twitter.com/LohariRagho

लोहारी राघो को 
pinterest पर फोलो करें

https://in.pinterest.com/lohariragho/_saved/

लोहारी राघो के whatsapp ग्रुप में जुड़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें

https://chat.whatsapp.com/KZgDG5UKNuB5Ke24EdeZnj

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Body

Sandeep Kamboj

Sandeep Kamboj

"मैं संदीप कंबोज, लोहारी राघो की मिट्टी का एक छोटा सा अंश हूँ। मेरा उद्देश्य पत्रकारिता और ब्लॉगिंग के माध्यम से हरियाणा की समृद्ध विरासत, विशेषकर हड़प्पा कालीन इतिहास को जीवंत रखना है। मेरा मानना है कि हमारी जड़ें जितनी गहरी होंगी, भविष्य का वृक्ष उतना ही विशाल होगा। इस वेबसाइट के माध्यम से मैं आपको अपने गाँव के इतिहास, संस्कृति और आधुनिक बदलावों की यात्रा पर ले जाना चाहता हूँ।"

Hollywood Movies

🔔 खबरदार भारत

ब्रेकिंग न्यूज़ और एक्सक्लूसिव खबरों के लिए Notifications Allow करें



अभी नहीं